टी.जी. मोहनदास की हिरासत पर HRDS INDIA ने उठाए सवाल, निष्पक्षता की मांग

टी.जी. मोहनदास की हिरासत पर HRDS INDIA ने उठाए सवाल, निष्पक्षता की मांग

दिल्ली: HRDS INDIA ने टी.जी. मोहनदास की हिरासत पर चिंता जताते हुए पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आरएसएस विचारक और राजनीतिक टिप्पणीकार मोहनदास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से जुड़ी कथित टिप्पणी के मामले में हिरासत में लिया गया है। संगठन ने कानून के निष्पक्ष और समान इस्तेमाल पर जोर दिया।

HRDS INDIA ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह किसी भी तरह के भड़काऊ या धमकी भरे बयान के पक्ष में नहीं है। हालांकि, संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई कानून के दायरे और उचित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। राजनीतिक विचारों में अंतर किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं बनना चाहिए।

अजी कृष्णन ने कहा कि HRDS INDIA हिंसा को बढ़ावा देने वाले, धमकी भरे या गैर-जिम्मेदाराना बयानों के पक्ष में नहीं है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कानूनी कार्रवाई का आधार राजनीतिक या वैचारिक पहचान नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि टी.जी. मोहनदास के खिलाफ दर्ज शिकायत की निष्पक्ष जांच जरूरी है और जांच के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि अन्य राजनीतिक या वैचारिक समूहों से जुड़े लोगों पर भी भड़काऊ बयान देने के आरोप हैं, तो उनके खिलाफ भी उसी स्तर की कार्रवाई की जानी चाहिए। अजी कृष्णन के अनुसार, कानून का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल जनता के भरोसे को कमजोर कर सकता है।

पारदर्शिता और समान कानून पर जोर

HRDS INDIA ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और शिकायत दर्ज कराना नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार हैं। ऐसे मामलों में सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे बिना किसी राजनीतिक या वैचारिक दबाव के निष्पक्ष तरीके से काम करें। संगठन ने कहा कि कानून लागू करते समय सभी लोगों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

संगठन ने यह भी कहा कि विवाद को लेकर जारी चर्चा से केरल के अन्य गंभीर मुद्दों पर ध्यान कम हो सकता है। बाढ़ राहत कार्यों की स्थिति और तटीय समुदायों के विरोध जैसे विषय भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। HRDS INDIA ने राज्य सरकार और पुलिस से कार्रवाई में पारदर्शिता रखने और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की। साथ ही, लोकतांत्रिक अधिकारों और वैध राजनीतिक अभिव्यक्ति की रक्षा पर भी जोर दिया।

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