डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने लिखी ‘द मोदी एरा’, पीएम मोदी को की समर्पित

डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने लिखी ‘द मोदी एरा’, पीएम मोदी को की समर्पित

नई दिल्ली: डॉ. भार्गव मल्लप्पा की नई पुस्तक ‘द मोदी एरा: इंडियाज जर्नी ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ भारत में हुए डिजिटल बदलाव को केंद्र में रखती है। पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया के विस्तार और देश की विकास यात्रा के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया गया है।

लेखक ने डिजिटल तकनीक के जरिए शासन और नागरिक सेवाओं में आए बदलावों को समझाने का प्रयास किया है।

आधार से UPI तक डिजिटल पहलों की चर्चा

पुस्तक में भारत की प्रमुख डिजिटल पहलों का उल्लेख किया गया है। इनमें आधार, भारतनेट, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय समावेशन प्रमुख हैं।

इन पहलों के जरिए सरकारी सेवाओं और वित्तीय सुविधाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी पुस्तक में चर्चा की गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक

डिजिटल बदलाव का असर केवल भुगतान या सरकारी सेवाओं तक सीमित नहीं रहा है। पुस्तक में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े आर्थिक अवसरों तक डिजिटल माध्यमों की पहुंच को भी रेखांकित किया गया है।

इसमें यह समझने का प्रयास किया गया है कि तकनीक ने आम नागरिकों के दैनिक जीवन को किस तरह प्रभावित किया है।

डिजिटल इंडिया के सामने चुनौतियां

पुस्तक भारत के डिजिटल विकास से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखती है। डिजिटल डिवाइड, साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और तकनीक तक समान पहुंच जैसे मुद्दों को डिजिटल परिवर्तन की प्रमुख चुनौतियों में शामिल किया गया है।

‘द मोदी एरा’ में भविष्य की तकनीकों पर भी चर्चा की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G और डिजिटल गवर्नेंस के बढ़ते इस्तेमाल से भारत में नए अवसरों के साथ संभावित जोखिमों पर भी विचार किया गया है।

पीएम मोदी को समर्पित पुस्तक

डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने अपनी पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित की है। उन्होंने इसे डिजिटल रूप से सशक्त भारत के दृष्टिकोण के प्रति अपनी श्रद्धांजलि बताया है।

उनका कहना है कि पुस्तक के जरिए डिजिटल इंडिया की यात्रा और आम नागरिकों पर उसके प्रभाव को सामने रखने की कोशिश की गई है।

डिजिटल साक्षरता को बताया जरूरी

पुस्तक में नागरिकों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने पर भी जोर दिया गया है। लेखक के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता के साथ लोगों को उनका प्रभावी और सुरक्षित इस्तेमाल करना सिखाना भी जरूरी है।

यह पुस्तक भारत के डिजिटल परिवर्तन, तकनीक, शासन और सार्वजनिक नीति को समझने में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए तैयार की गई है।

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