यह केस सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि नशे में लापरवाह ड्राइविंग का खौफनाक उदाहरण है। एक मासूम परिवार ने अपनी जान गंवाई, बच्चे अनाथ हो गए, लेकिन आरोपी को “युवा स्टूडेंट” कहकर जमानत मिल गई।
वडोदरा (कैरेलीबाग इलाके) में 13 मार्च 2025 की रात एक भयानक हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। 23 साल के लॉ स्टूडेंट रक्षित रविश चौरसिया (वाराणसी, उत्तर प्रदेश का रहने वाला) ने अपनी दोस्त की वोल्क्सवैगन वर्चुअस कार 120-140 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाई। नशे (मैरिजुआना/कैनबिस) में धुत होने के बावजूद ब्रेक नहीं लगाया, जिससे कार ने तीन दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी।
इस हादसे में 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। टक्कर इतनी तेज थी कि लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे। 35 वर्षीय हेमलिबेन पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति पुरव पटेल और बच्चों समेत 7 अन्य लोग बुरी तरह घायल हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट में आरोपी के खून में कैनबिस (THC) और कोडीन की पुष्टि हुई है। पुलिस ने culpable homicide, rash driving और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
https://x.com/Deb_livnletliv/status/2003439723273244767?s=20
अपराधी की प्रतिक्रिया – दिल तोड़ देने वाली!
हादसे के बाद रक्षित कार से उतरा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा – “Another Round! Another Round!” (एक और राउंड!) फिर नाम चिल्लाया “निकिता, निकिता…” और अचानक “ओम नमः शिवाय” का जाप करने लगा।
वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वो पूरी तरह नशे में लग रहा था। लोग गुस्से में उसे पीटने लगे, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वो जानबूझकर बचाव कर रहा था क्योंकि वो लॉ स्टूडेंट है और जानता है कि कौन-सी बातें उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं।
गुजरात हाईकोर्ट ने दी जमानत – क्यों?
22-23 दिसंबर 2025 को गुजरात हाईकोर्ट (जस्टिस एन एस करियल) ने कंडीशनल बेल मंजूर कर दी। रक्षित 9 महीने (मार्च 14 से) जेल में था, चार्जशीट जून में दाखिल हो चुकी थी।
कोर्ट ने कहा:
आरोपी केवल 23 साल का युवा स्टूडेंट है। उसे रिफॉर्म (सुधार) का मौका मिलना चाहिए। अपराध गंभीर है, लेकिन लंबी हिरासत को देखते हुए जमानत दी जा रही है।जमानत की शर्तें 1 लाख रुपये का surety,पहले 6 महीने हर 15 दिन में वडोदरा पुलिस स्टेशन में हाजिरी ,उसके बाद हर महीने, गुजरात छोड़कर कहीं न जाए, पता बदलने पर पुलिस को सूचित करे |
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