यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत बनाम इंग्लैंड महिला टेस्ट में नया इतिहास रच दिया। जानिए कैसे इन दोनों खिलाड़ियों ने ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया।
नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में “घर” कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान ने 10 से 13 जुलाई 2026 के बीच एक नया अध्याय लिखा। यहां पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला गया, और इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हर मोर्चे पर पीछे छोड़ दिया। इस जीत के दो सबसे बड़े नायक रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया, जिन्होंने इस मैदान पर शतक जड़ने वाली पहली महिला बनने का गौरव हासिल किया, और तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़, जो पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के मशहूर ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
कौन हैं यास्तिका भाटिया?
यास्तिका भाटिया भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। उनका जन्म गुजरात के वडोदरा में हुआ और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाली यास्तिका अपनी संयमित शैली और तकनीकी मजबूती के लिए जानी जाती हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट में यास्तिका ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। उन्होंने दूसरी पारी में शानदार शतक लगाया और ऐसा करने वाली लॉर्ड्स में पहली महिला बल्लेबाज बन गईं। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक था, जिसने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया।
- यास्तिका ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और भारतीय पारी को मजबूती दी।
- उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना आत्मविश्वास के साथ किया।
- उनकी पारी ने भारत को बड़ा लक्ष्य खड़ा करने में मदद की।
- शतक पूरा होने के बाद उनका भावुक जश्न दर्शकों और टीम के लिए यादगार पल बन गया।
यास्तिका की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत और संघर्ष की कहानी भी है। एसीएल चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। लेकिन वापसी के बाद लॉर्ड्स में शतक लगाना उनके दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का प्रमाण है।

कौन हैं क्रांति गौड़?
क्रांति गौड़ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा तेज गेंदबाज हैं। मध्य प्रदेश के घुवारा से आने वाली क्रांति ने अपने शुरुआती दिनों में टेनिस बॉल क्रिकेट से खेल की शुरुआत की। उनकी प्रतिभा और मेहनत ने उन्हें घरेलू क्रिकेट से भारतीय टीम तक पहुंचाया।
लॉर्ड्स टेस्ट में क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए। उन्होंने स्विंग और सीम मूवमेंट का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
- क्रांति ने शुरुआती विकेट लेकर भारत को मैच में मजबूत स्थिति दिलाई।
- उन्होंने इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर टीम को दबाव में डाला।
- यह उनके टेस्ट करियर का पहला पांच विकेट हॉल था।
- वह लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में जगह बनाने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं।
लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में दर्ज हुआ नाम
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का ऑनर्स बोर्ड क्रिकेट जगत में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। यहां टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले बल्लेबाजों और पांच विकेट लेने वाले गेंदबाजों के नाम दर्ज किए जाते हैं। यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ ने अपने शानदार प्रदर्शन से इस सम्मानित सूची में जगह बनाई।
- यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बनीं।
- क्रांति गौड़ लॉर्ड्स में टेस्ट में पांच विकेट लेने वाली पहली महिला बनीं।
- दोनों खिलाड़ियों ने एक ही टेस्ट मैच में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
- यह पहला महिला टेस्ट था जो लॉर्ड्स में खेला गया, इसलिए यह उपलब्धि और भी विशेष बन गई।

मैच में भारत की मजबूत पकड़
भारतीय टीम ने इस टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। पहली पारी में भारत ने मजबूत स्कोर बनाया, जिसके बाद क्रांति गौड़ की गेंदबाजी ने इंग्लैंड को कम स्कोर पर समेट दिया।
इसके बाद दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया के शतक ने भारत की बढ़त को और मजबूत कर दिया। उनकी पारी के कारण भारत ने इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य रखा। मैच के तीसरे दिन तक भारत की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही थी और टीम जीत की ओर बढ़ती नजर आई।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि
यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं हैं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते स्तर का प्रमाण भी हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने दिखाया कि भारतीय महिला टीम अब बड़े मंच पर भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।
- यास्तिका की पारी ने भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती को दर्शाया।
- क्रांति गौड़ की गेंदबाजी ने भारत को तेज गेंदबाजी में नया विकल्प दिया।
- इन उपलब्धियों से युवा महिला खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
- लॉर्ड्स में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ने महिला टेस्ट क्रिकेट के महत्व को भी बढ़ाया।
लॉर्ड्स में यास्तिका भाटिया का शतक और क्रांति गौड़ का पांच विकेट हॉल भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक माना जाएगा। इन दोनों खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि भारतीय टीम को ऐतिहासिक जीत की ओर भी मजबूती से आगे बढ़ाया।
जब भी लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को याद किया जाएगा, यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ के नाम सबसे पहले लिए जाएंगे।