जानिए ODI, टेस्ट और T20I क्रिकेट में भारत की सबसे तेज सेंचुरी लगाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज़ कौन हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा, वीरेंद्र सहवाग, मोहम्मद अजहरुद्दीन, अभिषेक शर्मा समेत सभी रिकॉर्ड्स
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट की पहचान हमेशा शानदार बल्लेबाज़ों से रही है। कभी बल्लेबाज़ अपनी तकनीक और धैर्य से मैच जीतते थे, लेकिन समय के साथ भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज़ी का दौर भी शुरू हुआ। आज भारतीय बल्लेबाज़ दुनिया के किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण के खिलाफ तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
चाहे विराट कोहली की शानदार रन चेज़ हो, रोहित शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाज़ी, वीरेंद्र सहवाग का निडर अंदाज़ या मोहम्मद अजहरुद्दीन की कलात्मक बल्लेबाज़ी—इन खिलाड़ियों ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जो आज भी याद किए जाते हैं।
आइए जानते हैं वनडे, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की सबसे तेज 5 सेंचुरी के बारे में।
ODI क्रिकेट में भारत की सबसे तेज 5 सेंचुरी
वनडे क्रिकेट में बल्लेबाज़ के पास सीमित ओवर होते हैं, इसलिए तेज़ रन बनाना बेहद जरूरी होता है। भारत के कई बल्लेबाज़ इस फॉर्मेट में ऐतिहासिक पारियां खेल चुके हैं।
विराट कोहली – 52 गेंदों में शतक
- रन: 115* (66 गेंद)
- चौके: 18
- छक्के: 1
- विरोधी टीम: ऑस्ट्रेलिया
- स्थान: जयपुर
- तारीख: 16 अक्टूबर 2013
351 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने केवल 52 गेंदों में शतक पूरा किया। भारत ने यह मुकाबला आसानी से जीत लिया। यह आज भी पुरुष वनडे क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज शतक है।
वीरेंद्र सहवाग – 60 गेंदों में शतक
- रन: 125*
- विरोधी: न्यूजीलैंड
- स्थान: हैमिल्टन
- तारीख: 11 मार्च 2009
सहवाग ने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों पर पूरी तरह दबाव बना दिया और भारत को शानदार जीत दिलाई।
विराट कोहली – 61 गेंदों में शतक
- विरोधी: ऑस्ट्रेलिया
- स्थान: नागपुर
- वर्ष: 2013
उसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक और धमाकेदार पारी खेलते हुए विराट ने सिर्फ 61 गेंदों में शतक लगाया और साबित किया कि रन चेज़ में उनका कोई मुकाबला नहीं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन और केएल राहुल – 62 गेंदों में शतक (संयुक्त)
- मोहम्मद अजहरुद्दीन
- वर्ष: 1988
- विरोधी: न्यूजीलैंड
- स्थान: बड़ौदा
उस दौर में इतनी तेज बल्लेबाज़ी बेहद दुर्लभ मानी जाती थी। अजहर की यह पारी भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।
केएल राहुल
- वर्ष: 2023 विश्व कप
- विरोधी: नीदरलैंड
- स्थान: बेंगलुरु
विश्व कप के दौरान राहुल ने शानदार स्ट्रोकप्ले के साथ केवल 62 गेंदों में शतक पूरा किया।
रोहित शर्मा – 63 गेंदों में शतक
- विरोधी: अफगानिस्तान
- स्थान: दिल्ली
- विश्व कप: 2023
रोहित शर्मा ने इस मुकाबले में ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए भारत को आसान जीत दिलाई और कई विश्व कप रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे तेज 5 सेंचुरी
टेस्ट क्रिकेट को धैर्य और तकनीक का खेल माना जाता है, लेकिन इन भारतीय बल्लेबाज़ों ने साबित किया कि जरूरत पड़ने पर तेज बल्लेबाज़ी भी मैच का रुख बदल सकती है।
मोहम्मद अजहरुद्दीन – 74 गेंदों में शतक
- रन: 109 (77 गेंद)
- चौके: 18
- छक्का: 1
- विरोधी: दक्षिण अफ्रीका
- स्थान: ईडन गार्डन्स, कोलकाता
- सीरीज: 1996-97
एलन डोनाल्ड जैसे तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ अजहरुद्दीन की यह पारी भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बेहतरीन आक्रामक पारियों में शामिल है। यह संयुक्त रूप से भारत की सबसे तेज टेस्ट सेंचुरी है।
वीरेंद्र सहवाग – 78 गेंदों में शतक
- रन: 180
- विरोधी: वेस्टइंडीज
- स्थान: सेंट लूसिया
- वर्ष: 2006
सहवाग ने शुरुआत से ही आक्रमण किया और टेस्ट क्रिकेट में भी टी20 जैसी बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया।
शिखर धवन – 85 गेंदों में शतक
- रन: 187
- विरोधी: ऑस्ट्रेलिया
- स्थान: मोहाली
- वर्ष: 2013
अपने डेब्यू टेस्ट में धवन ने सबसे तेज डेब्यू टेस्ट शतक लगाकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया।
कपिल देव – 86 गेंदों में शतक
भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने अपने दौर में आक्रामक बल्लेबाज़ी की नई पहचान बनाई। उनका 86 गेंदों का शतक आज भी याद किया जाता है।
हार्दिक पांड्या – 86 गेंदों में शतक
- रन: 108
- गेंद: 96
- स्थान: पल्लेकेले
- वर्ष: 2017
हार्दिक ने श्रीलंका के खिलाफ तेज बल्लेबाज़ी करते हुए दिखाया कि आधुनिक दौर में टेस्ट क्रिकेट का अंदाज़ कितना बदल चुका है।
T20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे तेज 5 सेंचुरी
टी20 क्रिकेट में हर गेंद अहम होती है और यहां तेज शतक बनाना किसी बड़े रिकॉर्ड से कम नहीं माना जाता।
रोहित शर्मा – 35 गेंदों में शतक
- रन: 118
- गेंद: 43
- चौके: 12
- छक्के: 10
- विरोधी: श्रीलंका
- स्थान: इंदौर
- तारीख: 22 दिसंबर 2017
रोहित शर्मा ने इस मैच में भारत को 260/5 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। यह आज भी भारत की सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल सेंचुरी है।
अभिषेक शर्मा – 37 गेंदों में शतक
- रन: 135
- गेंद: 54
- विरोधी: इंग्लैंड
- स्थान: मुंबई
- वर्ष: 2025
युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से भारतीय टीम के भविष्य की मजबूत झलक दिखाई।
संजू सैमसन – 40 गेंदों में शतक
- विरोधी: बांग्लादेश
- स्थान: हैदराबाद
- वर्ष: 2024
संजू ने क्लासिक शॉट्स और पावर हिटिंग का बेहतरीन मिश्रण दिखाया।
तिलक वर्मा – 41 गेंदों में शतक
- विरोधी: दक्षिण अफ्रीका
- वर्ष: 2024
युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा ने शानदार स्ट्राइक रेट के साथ अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
ईशान किशन – 42 गेंदों में शतक
- विरोधी: न्यूजीलैंड
- स्थान: तिरुवनंतपुरम
- वर्ष: 2026
ईशान किशन ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टी20 क्रिकेट में अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया।
सूर्यकुमार यादव भी हैं इस सूची में खास
हालांकि टॉप-5 में जगह नहीं बनती, लेकिन सूर्यकुमार यादव की 45 गेंदों में शतक वाली पारी भी भारत की सबसे यादगार टी20 इंटरनेशनल पारियों में गिनी जाती है।
भारतीय बल्लेबाज़ी में कैसे आया यह बड़ा बदलाव?
पिछले दो दशकों में भारतीय क्रिकेट की बल्लेबाज़ी शैली पूरी तरह बदल गई है।
इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं—
- टी20 क्रिकेट का बढ़ता प्रभाव
- बेहतर फिटनेस और पावर ट्रेनिंग
- आधुनिक और हल्के बल्ले
- बल्लेबाज़ों की आक्रामक मानसिकता
- सपाट और बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिचें
- डेटा एनालिटिक्स और मैच तैयारी में तकनीक का इस्तेमाल
आज भारतीय बल्लेबाज़ शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं, जबकि पहले बल्लेबाज़ लंबी पारी खेलने पर ज्यादा ध्यान देते थे।
आने वाले समय में टूट सकते हैं ये रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट में नई पीढ़ी के बल्लेबाज़ लगातार तेजी से रन बना रहे हैं। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी भविष्य में इन रिकॉर्ड्स को चुनौती दे सकते हैं।
क्रिकेट के बदलते स्वरूप को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्षों में भारत के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड फिर से टूट सकता है।
भारतीय क्रिकेट ने तकनीकी बल्लेबाज़ी से लेकर विस्फोटक बल्लेबाज़ी तक का शानदार सफर तय किया है। विराट कोहली, रोहित शर्मा, वीरेंद्र सहवाग, मोहम्मद अजहरुद्दीन, कपिल देव और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने साबित किया है कि भारतीय बल्लेबाज़ दुनिया के किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण के खिलाफ तेजी से रन बनाने में सक्षम हैं।
ये रिकॉर्ड केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के बदलते दौर, खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और विश्व क्रिकेट में भारत की बढ़ती ताकत की कहानी भी बताते हैं।