नई दिल्ली:वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह, जो वर्तमान में ग्लोबल आई, शिकागो में कंसल्टिंग एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने वर्ष 1996 में दैनिक जागरण, नई दिल्ली में ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की थी। अपने तीन दशक लंबे सफर में उन्होंने निष्पक्ष, जनहितकारी और जनसरोकार आधारित पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार बनाया। इस उपलब्धि पर उन्होंने अपने सहयोगियों, संपादकों, वरिष्ठों, साथियों और पाठकों का धन्यवाद किया।
पत्रकारिता के अपने लंबे सफर में राकेश कुमार सिंह ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2000 से 2004 तक वे हिंदुस्तान में दक्षिण दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे और बाद में हिंदुस्तान टाइम्स लिमिटेड में दिल्ली के चीफ क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, अपराध और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली खोजी रिपोर्टिंग की। प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI), पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक संवेदनशील मामलों पर उनकी रिपोर्टों को व्यापक सराहना मिली।
राकेश कुमार सिंह को हिंदी पत्रकारिता में खोजी पत्रकारिता को नई दिशा देने वाले पत्रकारों में भी गिना जाता है। उन्होंने पहली बार हिंदी पाठकों तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और गृह मंत्रालय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की गहन और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाई। उनकी रिपोर्टिंग ने न केवल पाठकों को देश की सुरक्षा व्यवस्था के कई पहलुओं से परिचित कराया, बल्कि खोजी पत्रकारिता के क्षेत्र में नए मानक भी स्थापित किए।
अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने टोटल टीवी में मेट्रो एडिटर के रूप में कार्य किया और बाद में इंडिया न्यूज़ से भी जुड़े। वर्तमान में वे ग्लोबल आई, शिकागो में कंसल्टिंग एडिटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही वे नेटवर्क टेन में भी कंसल्टिंग एडिटर के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
अपने 30 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि इस लंबे सफर में उन्हें अपने सहयोगियों, मार्गदर्शकों और पाठकों का निरंतर स्नेह, विश्वास और समर्थन मिला, जिसने हर चुनौती का सामना करने की प्रेरणा दी। उनके अनुसार यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और आगे भी वे इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
राकेश कुमार सिंह ने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता की जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। ऐसे समय में तथ्यों पर आधारित, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता ही लोकतंत्र को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने दोहराया कि उनकी कलम भविष्य में भी सत्य, साहस और जनसरोकार के मूल्यों के साथ जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए समर्पित रहेगी।
पत्रकारिता के इस 30 वर्षीय सफर को मीडिया जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न पत्रकारों, मीडिया सहयोगियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने राकेश कुमार सिंह को इस गौरवपूर्ण पड़ाव पर शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घ, सक्रिय और जनपक्षधर पत्रकारिता जीवन की कामना की। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए भी ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा की भावना से कार्य करने की प्रेरणा है।