डॉ. जेनिस दरबारी को मिला वैश्विक सम्मान, मोंटेनेग्रो के ऑनरेरी कॉन्सुलर कॉर्प्स की ‘डोयेन’ नियुक्त

डॉ. जेनिस दरबारी को मिला वैश्विक सम्मान, मोंटेनेग्रो के ऑनरेरी कॉन्सुलर कॉर्प्स की ‘डोयेन’ नियुक्त

मोंटेनेग्रो के स्टेटहुड डे पर ऐतिहासिक सम्मान, भारत–मोंटेनेग्रो की 18 वर्षों पुरानी कूटनीतिक साझेदारी हुई और मजबूत

नई दिल्ली: मोंटेनेग्रो के विदेश मंत्रालय ने भारत और मोंटेनेग्रो के राजनयिक संबंधों को नई पहचान देते हुए डॉ. जेनिस दरबारी को विश्वभर के ऑनरेरी कॉन्सुलर कॉर्प्स ऑफ मोंटेनेग्रो का ‘डोयेन’ नियुक्त किया है। यह सम्मान उन्हें स्टेटहुड डे के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया। डॉ. दरबारी ने इसे दोनों देशों की बढ़ती मित्रता और सहयोग का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए डॉ. जेनिस दरबारी ने कहा, “मोंटेनेग्रो के राष्ट्रीय दिवस के पावन अवसर पर विदेश मंत्रालय द्वारा विश्वभर के ऑनरेरी कॉन्सुलर कॉर्प्स ऑफ मोंटेनेग्रो का डोयेन नियुक्त किया जाना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। किसी अंतरराष्ट्रीय व्यक्तित्व के लिए यह सम्मान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और मित्रता का भी प्रतीक है।”

यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब भारत और मोंटेनेग्रो अपने राजनयिक संबंधों के 18 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। 1 जनवरी 2008 को भारत में मोंटेनेग्रो के मानद महावाणिज्य दूतावास (Honorary Consulate General) की स्थापना के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीति, व्यापार, संस्कृति, पर्यटन और जन-से-जन संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग निरंतर मजबूत हुआ है। इन संबंधों की नींव आपसी सम्मान, संप्रभुता और वैश्विक सहयोग की साझा सोच पर आधारित रही है।

डॉ. दरबारी ने इस उपलब्धि को विश्वभर में कार्यरत मोंटेनेग्रो के सभी मानद वाणिज्य दूतों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय द्वारा विश्वभर के ऑनरेरी कॉन्सुल्स के योगदान को मान्यता दिया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। विशेष रूप से तब, जब हम 2008 में भारत में मोंटेनेग्रो के पहले राजनयिक कार्यालय की स्थापना से शुरू हुई इस ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हैं। यह सम्मान भारत और मोंटेनेग्रो—दोनों देशों के नागरिकों के लिए गर्व का विषय है।”

उन्होंने कहा कि भारत स्थित मोंटेनेग्रो का मानद महावाणिज्य दूतावास भविष्य में भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और सशक्त बनाने, द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने तथा शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। उन्होंने मोंटेनेग्रो के नागरिकों के लिए शांति, समृद्धि और निरंतर विकास की शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

डॉ. जेनिस दरबारी को इस सम्मान पर बधाई देते हुए भारत में इरिट्रिया के राजदूत एवं भारत स्थित डिप्लोमैटिक कॉर्प्स के डीन महामहिम एलेम त्सेहाये वोल्डेमरियम ने कहा कि यह सम्मान भारत और मोंटेनेग्रो के बीच मित्रता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके निरंतर प्रयासों की उचित पहचान है। उन्होंने कहा, “यह आपकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में भारत और मोंटेनेग्रो के बीच मित्रता और अधिक मजबूत होगी। आपको इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई।”

उल्लेखनीय है कि पिछले 18 वर्षों में भारत स्थित मोंटेनेग्रो के मानद महावाणिज्य दूतावास ने दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद को सुदृढ़ बनाने, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने, पर्यटन एवं व्यापारिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने तथा सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. जेनिस दरबारी को वैश्विक ऑनरेरी कॉन्सुलर कॉर्प्स का डोयेन नियुक्त किया जाना इन प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण स्वीकृति माना जा रहा है, जो भारत और मोंटेनेग्रो के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को नई दिशा प्रदान करेगा.

More From Author

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवीय मूल्यों के साथ अपनाने की जरूरत : प्रो. आई. पी. अग्रवाल

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवीय मूल्यों के साथ अपनाने की जरूरत : प्रो. आई. पी. अग्रवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

टोकनयुक्त शेयर कैसे बन रहे हैं वैश्विक वित्त की नई दिशा, भारत को क्या करना चाहिए?

नई दिल्ली: शेयरों की खरीद और बिक्री की वैश्विक व्यवस्था में तेजी से परिवर्तन आ रहा है। इस बदलाव का नेतृत्व अब पारंपरिक स्टॉक एक्सचेंजों के बजाय क्रिप्टो मंचों के हाथ में दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष के दौरान...