लू के थपेड़ों के बीच महिला पुलिसकर्मी और फरियादी परेशान, कैंपरों के सहारे चल रहा काम
नई दिल्ली: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लू के थपेड़े लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। ऐसे हालात में जहां प्रशासन लगातार लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहा है, वहीं रेवाड़ी के महिला थाना परिसर में पिछले पांच दिनों से पेयजल व्यवस्था ठप होने का मामला सामने आया है।
भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने महिला पुलिसकर्मियों और शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति ऐसी है कि थाने में पीने के पानी की जरूरत फिलहाल पानी के कैंपरों के सहारे पूरी की जा रही है।
पांच दिनों से नहीं आ रहा पानी
महिला थाना में तैनात कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि पिछले करीब पांच दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। नियमित जलापूर्ति बाधित होने के कारण कर्मचारियों को बाहरी स्रोतों से पानी मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और लू के बीच पर्याप्त पानी उपलब्ध न होना कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों को प्रभावित कर रहा है।
फरियाद लेकर पहुंचने वाली महिलाएं भी प्रभावित
महिला थाना वह स्थान है जहां घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अन्य संवेदनशील मामलों में महिलाएं सहायता और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचती हैं। लेकिन यहां आने वाली महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ पीने के पानी के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है, खासकर ऐसे समय में जब मौसम की परिस्थितियां लगातार अधिक चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं।
हीटवेव के बीच बढ़ा जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान में डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे प्रभावी बचाव उपायों में से एक माना जाता है।
यही वजह है कि महिला थाना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान में पेयजल व्यवस्था का बाधित होना चिंता का विषय बन गया है। यह स्थिति उस समय सामने आई है जब प्रशासन स्वयं लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
महिला पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्थायी रूप से कैंपरों से व्यवस्था संभाली जा सकती है, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए स्थायी समाधान आवश्यक है।
भीषण गर्मी के इस दौर में यह मामला केवल एक सरकारी कार्यालय की समस्या नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और आपदा जैसी मौसमीय परिस्थितियों में प्रशासनिक तैयारी की भी परीक्षा बन गया है।
रेवाड़ी में रिकॉर्ड स्तर की गर्मी के बीच महिला थाना परिसर में पैदा हुआ पेयजल संकट यह याद दिलाता है कि अत्यधिक तापमान के दौर में पानी जैसी बुनियादी सुविधा कितनी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस समस्या का समाधान कितनी तेजी से करता है, ताकि कर्मचारियों और फरियादियों को राहत मिल सके।