नई श्रम संहिताएँ—न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में बड़ा बदलाव
नई दिल्ली: सोहेल हिंदुस्तानी ने सरकार के श्रम सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि चार श्रम संहिताओं का लागू होना श्रमिक कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम है। उन्होंने कहा कि ये सुधार भारत के श्रम ढाँचे को मजबूत और आधुनिक बनाएंगे।
सोहेल हिंदुस्तानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुधार भारत के श्रमिक वर्ग की भूमिका और अधिकारों को अभूतपूर्व महत्व देता है। उन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की पहल और नेतृत्व की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से यह बड़ा परिवर्तन धरातल पर उतर सका।
हिंदुस्तानी ने BJMS के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांत प्रकाश जाटव के संघर्ष को भी विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया।
उन्होंने कहा—
“उनकी सालों की लड़ाई रंग लाई। उनका निरंतर संघर्ष आज परिणाम बनकर सामने आया है।”
नई श्रम संहिताओं के लागू होने से देशभर के कार्यस्थलों और श्रमिकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
• न्यूनतम वेतन की सुनिश्चित गारंटी
• समय पर वेतन भुगतान का अनिवार्य प्रावधान
• एकीकृत सामाजिक सुरक्षा प्रणाली
• सुरक्षित कार्यस्थल और दुर्घटना संरक्षण
• गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी कानूनी सुरक्षा
• संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ना
सोहेल हिंदुस्तानी ने कहा कि ये सुधार भारत के श्रम क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे और आने वाले वर्षों में देश की रोजगार संरचना, उद्योग–श्रमिक संबंधों और कार्य संस्कृति को नई दिशा प्रदान करेंगे।