नई दिल्ली, 1 अगस्त: कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से कोयला पेंशनभोगियों के लिए ₹10,000 न्यूनतम मासिक पेंशन, इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा पेंशन राशि महंगाई के दौर में सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है और हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में फोरम के अध्यक्ष बिमन मित्रा, संयुक्त महासचिव मोऊ मुखर्जी, महासचिव चंचल बनर्जी तथा कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण कालवाला ने कहा कि संगठन एक गैर-राजनीतिक मंच है। यह कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) के पेंशनभोगियों और विधवा पेंशनभोगियों के हितों के लिए कार्य करता है।
21 हजार पेंशनभोगियों को ₹1,000 से कम, कई विधवाओं को सिर्फ ₹320 पेंशन
फोरम के अनुसार, वर्तमान में करीब 21,000 कोयला पेंशनभोगियों को ₹1,000 से भी कम मासिक पेंशन मिल रही है। वहीं, कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम (CMPFS-1971) के तहत कई विधवा पेंशनभोगियों को आज भी सिर्फ ₹320 प्रति माह पारिवारिक पेंशन मिल रही है।
संगठन का कहना है कि इन पेंशन राशियों में दशकों से कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। इसके अलावा, इन्हें इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) से भी नहीं जोड़ा गया है। जबकि अन्य कई सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की पेंशन योजनाओं में महंगाई के अनुसार नियमित संशोधन किया जाता है।
47 हजार पेंशनभोगियों की पेंशन बंद होने का दावा
कोल एम्प्लॉइज फोरम ने बताया कि कोल इंडिया के लगभग छह लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी हैं। इनमें से करीब 4.76 लाख वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
साथ ही, संगठन ने दावा किया कि लगभग 47,000 पेंशनभोगियों की पेंशन जीवन प्रमाण पत्र जमा न करने, जागरूकता की कमी और अन्य प्रक्रियागत कारणों से बंद हो गई है। फोरम ने CMPFO से जागरूकता अभियान चलाने और पेंशन बहाली की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।
चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मियों के पास मेडिकल कार्ड नहीं
फोरम ने स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बड़ा मुद्दा बताया। संगठन के अनुसार, चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के पास कोल इंडिया का मेडिकल कार्ड नहीं है, जिससे उन्हें इलाज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा, फोरम ने 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत अथवा इसी प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाने की मांग की। संगठन का कहना है कि कम पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।
फोरम ने सरकार के सामने रखीं छह प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान फोरम ने सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें CMPFS-1971 और CMPS-1998 के तहत ₹10,000 न्यूनतम मासिक पेंशन, IDA के साथ महंगाई आधारित नियमित पेंशन संशोधन, पेंशन निधि की समय-समय पर एक्चुरियल समीक्षा और पारदर्शी ऑडिट, प्रक्रियागत कारणों से बंद हुई पेंशन की बहाली, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं तथा केंद्रीय सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समान पेंशन लाभ शामिल हैं।
सरकार से जल्द पेंशन सुधार लागू करने की अपील
अंत में, फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि कोयला उद्योग देश के सबसे जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में दशकों तक सेवा देने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर व्यापक पेंशन सुधार लागू करने की अपील की।