भारतीय प्रकाशन जगत को वैश्विक पहचान दिलाने की ओर कदम, IPC 2026 में पहुंचीं पल्लवी और अदिति घोष

भारतीय प्रकाशन जगत को वैश्विक पहचान दिलाने की ओर कदम, IPC 2026 में पहुंचीं पल्लवी और अदिति घोष

युवा भारत की नई पहचान बनकर पल्लवी और अदिति घोष वैश्विक मंच पर भारतीय अकादमिक प्रकाशन और महिला नेतृत्व की आवाज़ बुलंद करेंगी।

नई दिल्ली/कुआलालंपुर: मलेशिया के कुआलालंपुर में 5 से 9 जुलाई तक आयोजित 35वीं इंटरनेशनल पब्लिशर्स कांग्रेस 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पीएचआई लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड की पल्लवी घोष (27) और अदिति घोष (25) भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हुई हैं। यह सम्मेलन विश्वभर के प्रकाशन उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों, प्रकाशकों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाता है।

पल्लवी और अदिति की भागीदारी भारतीय प्रकाशन उद्योग में उभरती नई पीढ़ी के नेतृत्व का प्रतीक मानी जा रही है। दोनों युवा पेशेवर ऐसे समय में वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जब देश का प्रकाशन उद्योग शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, ज्ञान सृजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

पीएचआई लर्निंग में ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में कार्यरत पल्लवी घोष पिछले चार वर्षों से संस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने इंग्लिश में स्नातक तथा लंदन के किंग्स कॉलेज से कंटेम्पररी लिटरेचर, कल्चर एंड थ्योरी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। वह कंपनी की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, डिजिटल आउटरीच और रणनीतिक संचार से जुड़े कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं।

वहीं, ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर अदिति घोष पिछले दो वर्षों से पीएचआई लर्निंग के साथ कार्यरत हैं। उन्होंने एमिटी विश्वविद्यालय से एप्लाइड साइकोलॉजी में स्नातक और काउंसलिंग साइकोलॉजी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। वह कंपनी के परिचालन प्रबंधन, कार्य समन्वय और आंतरिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

दोनों की मौजूदगी प्रकाशन उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की भूमिका को भी रेखांकित करती है। संपादन, लेखन और प्रकाशन के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान लंबे समय से रहा है, लेकिन अब युवा महिला पेशेवर नेतृत्वकारी भूमिकाओं में भी तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं।

इस अवसर पर पीएचआई लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड की चेयरपर्सन सागरिका घोष ने कहा कि यह संस्था के लिए गर्व का क्षण है कि पल्लवी और अदिति अंतरराष्ट्रीय मंच पर संगठन की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रकाशन उद्योग को ऐसे युवा पेशेवरों की आवश्यकता है, जो पुस्तकों की समृद्ध विरासत के साथ भविष्य की बदलती आवश्यकताओं और नई तकनीकों को भी समझते हों। उन्हें विश्वास है कि दोनों आने वाले वर्षों में पीएचआई लर्निंग और भारतीय प्रकाशन जगत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

पीएचआई लर्निंग कई दशकों से अकादमिक और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन के लिए जाना जाता है। संस्थान के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा IPA चैंपियन अवॉर्ड से सम्मानित स्वर्गीय अशोक के. घोष की विरासत आज भी संस्था का मार्गदर्शन कर रही है।

पल्लवी और अदिति की यह अंतरराष्ट्रीय सहभागिता केवल पीएचआई लर्निंग की समृद्ध विरासत का विस्तार नहीं है, बल्कि भारतीय प्रकाशन उद्योग के भविष्य की भी झलक है। यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी नवाचार, पेशेवर दक्षता, डिजिटल समझ और वैश्विक अनुभव के साथ भारतीय प्रकाशन जगत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए तैयार है।

More From Author

Best Online Learning Platforms जानें टॉप ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी

Best Online Learning Platforms: जानें टॉप ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी

ड्रोन उद्यमिता, कौशल विकास और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नेशनल ड्रोन समिट 2026 में तीन बड़ी पहल शुरू

ड्रोन उद्यमिता, कौशल विकास और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नेशनल ड्रोन समिट 2026 में तीन बड़ी पहल शुरू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन्स का भविष्य: दुनिया की वित्तीय व्यवस्था कैसे बदल सकती है?

नई दिल्ली: हाल ही में 14 मई को अमेरिकी सीनेट की बैंकिंग समिति ने ‘डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट’ को हरी झंडी दी। इसके साथ ही अमेरिका क्रिप्टो बाजार के लिए अपना पहला व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने के करीब...