आर माधवन को तालियों से मिली प्रशंसा , अजय देवगन को मिली असंतुष्टि ; जनता बोली- कहानी में दम नहीं

फैमिली मैन से लेकर शैतान: अजय देवगन का नया अंदाज, आर माधवन के साथ धमाकेदार वापसी

08 मार्च 2024

क्या कभी किसी ने भूत देखा है? यह सवाल एक बहुत ही रोचक और विवादास्पद विषय है। इस प्रश्न का उत्तर प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने भूत देखा है, कुछ कहते हैं कि भूत-प्रेत कुछ नहीं होता, और कुछ कहते हैं कि हो सकता हैं, पर उनको कभी सामना नहीं हुआ। लेकिन क्या होगा अगर कभी आपका सामना इस तरह के किसी तत्व से हो जाए? जब कुछ असामान्य घटित हो, तो सब कुछ नॉर्मल नहीं रहता है। वशीकरण जैसे विषय पर कई फिल्में बन चुकी हैं, जो कि आमतौर पर सच्ची घटनाओं से प्रेरित हैं।

अजय देवगन की एक ऐसी फिल्म है जो वशीकरण पर आधारित है और इसका नाम है “शैतान”। यह एक काल्पनिक कहानी है जो किसी वास्तविक घटना का दावा नहीं करती है, लेकिन इसमें काल्पनिकता के जरिए एक रोचक और उत्तेजक कहानी कही गई है। फिल्म में दर्शकों को अपने वश में कैसे किया जा सकता है, इसका बड़ा धमाका दिखाया गया है।

कहानी फिल्म की कहानी वशीकरण पर आधारित है। एक शख्स जो पिकनिक के लिए पहाड़ी पर निकलता है, वहां एक फैमिली का पीछा करता है और उनके बच्चों को अपने वश में कर लेता है। इस शख्स को किसी छोटे-मोटे तांत्रिक की तरह नहीं दिखाया गया है। वह धीरे-धीरे अपनी शक्तियां दिखाने लगता है और अपने काले जादू से परिवार को धमकाता है। वह बार-बार अजय देवगन से उसकी बेटी की बलि देने की बात करता है, लेकिन अजय देवगन का किरदार भी अपनी बेटी को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देता है। इस तरह की कहानी में हमेशा बुराई पर अच्छाई की विजय होती है, लेकिन इस फिल्म में कहानी का अंत एक सस्पेंस के साथ छोड़ा गया है। यह आपको फिल्म का अंत देखने के लिए मजबूर करता है। इस तरह की कहानी में लॉजिक की कमी हो सकती है, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को एक रोचक अनुभव देती है।

फिल्म में एक्टिंग की बात की जाए तो, सभी कलाकारों ने अच्छी एक्टिंग की है। अजय देवगन हमेशा की तरह अपने किरदार में प्रभावी रूप से प्रस्तुत हैं। उनकी एक्टिंग शानदार है और उन्होंने अपने किरदार को वास्तविकता में जीवंत किया है। उनके साथ ज्योतिका का भी रोल अच्छा है, और न्यूकमर्स ने भी अपना काम बढ़िया किया है। हालांकि, आर माधवन के किरदार को और अधिक माहिराना दिखाने के लिए फिल्ममेकरों ने उन्हें अधिक स्क्रीन टाइम देना चाहिए था।

डायलॉग्स के मामले में, फिल्म में डायलॉग्स की कमी थी, जो कि कहानी को और उत्तेजक बनाने में मदद कर सकती थी। फिल्ममेकरों ने बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल किया, लेकिन कई बार यह बैकग्राउंड स्कोर ज्यादा हो गया और कहानी को खो दिया।

क्या आपको इस फिल्म को देखना चाहिए या नहीं, यह आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। यह फिल्म उन लोगों के लिए हो सकती है जो हॉरर फिल्मों के प्रेमी हैं और उन्हें कहानियों में रोमांच की तलाश है। लेकिन इस फिल्म की कहानी में लॉजिक की कमी होने के कारण, कुछ दर्शकों को यह फिल्म अधिक रुचिकर नहीं लग सकती। फिर भी, यह फिल्म आपको मनोरंजन प्रदान करने में सक्षम है और इसे एक बार देखने का अनुभव बिल्कुल रोचक हो सकता है।

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