‘बुरांश: द फ्रैगरेंस ऑफ वर्ड्स’ में भावनाओं, संबंधों और प्रकृति की गहराई से झलक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित एक विशेष समारोह में हमीरपुर की युवा कवयित्री और शिक्षिका अनुपमा शर्मा की बहुचर्चित कविता-संग्रह ‘बुरांश: द फ्रैगरेंस ऑफ वर्ड्स’ का विमोचन किया। अनुपमा वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), हमीरपुर में अंग्रेज़ी प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।
कविताएं जो दिल को छू जाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अनुपमा की रचनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी कविताएं संवेदनाओं की गहराइयों को छूने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, “इस संग्रह में टूटते रिश्तों का दर्द, आत्ममंथन की पीड़ा और प्रकृति में नए आरंभ की आशा बेहद सुंदरता से अभिव्यक्त की गई है। यह संग्रह एक आत्मीय यात्रा है, जिसे शब्दों में बांधा गया है।”
साहित्य के साथ सेवा का भाव
56 पन्नों की इस पुस्तक में 39 कविताएं संकलित हैं, जिसे सतलुज प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तक की कीमत 150 रुपये रखी गई है। विशेष बात यह है कि इस पुस्तक की बिक्री से प्राप्त पूरी राशि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को समर्पित की जाएगी, जो सामाजिक सेवा की दिशा में एक प्रशंसनीय कदम है।
बहुआयामी व्यक्तित्व की झलक
अनुपमा शर्मा साहित्य के साथ-साथ बाइक राइडिंग, खेल और ट्रैकिंग जैसे साहसिक शौकों की भी शौकीन हैं। प्रकृति के प्रति उनका प्रेम उनकी कविताओं में स्पष्ट झलकता है, जो पाठकों को आत्मिक स्तर पर स्पर्श करता है।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी उपस्थित रहे। समारोह में साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के संगम का खूबसूरत उदाहरण देखने को मिला।
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