हज 2025 की तैयारियों का जायजा लेने सऊदी अरब पहुंचे अल्पसंख्यक मामलों के सचिव

भारतीय हज यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक

नई दिल्ली, भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार और संयुक्त सचिव सी.पी.एस. बक्शी 8 अप्रैल 2025 को सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचे। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी हज 2025 की तैयारियों की समीक्षा करना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय हज यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

हज 2025: जून की शुरुआत में होगा आयोजन

इस वर्ष हज यात्रा जून 2025 की शुरुआत में निर्धारित है, जिसमें पूरी दुनिया से लाखों श्रद्धालु मक्का और मदीना की यात्रा करेंगे। भारत से हर वर्ष करीब 1.75 लाख से अधिक तीर्थयात्री हज पर जाते हैं, ऐसे में मंत्रालय का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तैयारी का हर पहलू होगा शामिल

सचिव स्तर के इस दौरे के दौरान भारतीय हज मिशन, सऊदी प्रशासन, हज समिति और स्थानीय एजेंसियों के साथ कई बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसमें हवाई यात्रा, आवास, चिकित्सा सुविधा, परिवहन, भोजन, सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की समग्र देखभाल जैसे मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

हालिया वीज़ा प्रतिबंध की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण दौरा

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले सऊदी सरकार ने भारत सहित 14 देशों के लिए उमराह, व्यापार, और पारिवारिक वीज़ा अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की थी, जो 13 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी। ऐसे में यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।

भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का यह सऊदी दौरा यह संकेत देता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच मित्रतापूर्ण संबंध दिनोंदिन और गहरे हो रहे हैं। इसी परस्पर सहयोग और विश्वास का परिणाम है कि हज 2025 के लिए भारतीय मुसलमान तीर्थयात्री सऊदी अरब जाकर हज कर सकेंगे, जबकि वीज़ा निलंबन की घोषणा से पहले यह आशंका बनी हुई थी।

सहयोग और सद्भावना का प्रतीक

डॉ. कुमार के इस दौरे से भारत और सऊदी अरब के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक सहयोग को और बल मिलेगा। यह सिर्फ एक आधिकारिक दौरा नहीं, बल्कि दोनों देशों की सरकारों के बीच बढ़ते विश्वास और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक भी है।

हज को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने का प्रयास

भारत सरकार का उद्देश्य हज को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है। ‘*डिजिटल हज’ जैसे प्रयासों के माध्यम से *e-MASIHA हेल्थ सिस्टम, मोबाइल ऐप्स, और डिजिटल भुगतान जैसे नवाचार किए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधा मिल सके।

महिला तीर्थयात्रियों के लिए विशेष प्रबंध

इस वर्ष बिना मेहरम महिलाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इनके लिए विशेष सुरक्षा और सुविधा संबंधी प्रबंध किए जा रहे हैं, जिसे सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

भारत सरकार की प्रतिबद्धता

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि हर भारतीय हज यात्री को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित अनुभव मिले।

भारत-सऊदी संबंधों की इस नई ऊंचाई के साथ हज 2025 भारत के लिए न सिर्फ एक धार्मिक अवसर, बल्कि द्विपक्षीय मित्रता का भी प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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