संगठन की दीर्घकालिक सामाजिक पहलों, संस्थागत मजबूती और जमीनी अभियानों को निरंतरता देने का निर्णय
पीपुल्स फोरम ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर डॉ. भार्गव मल्लप्पा अपनी जिम्मेदारियां पूर्ववत निभाते रहेंगे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मणिमोझियान ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से अस्वीकार करते हुए संगठन के सामाजिक मिशन, जनसेवा अभियानों तथा दीर्घकालिक दृष्टि को ध्यान में रखते हुए उनसे पद पर बने रहने का अनुरोध किया है।
यह निर्णय संगठनात्मक स्थिरता, नेतृत्व की निरंतरता और सामाजिक प्रभाव को सशक्त बनाने की प्राथमिकता के साथ लिया गया है। वर्तमान समय में जब संगठन विभिन्न सामाजिक पहलों, सामुदायिक विकास कार्यक्रमों और जमीनी अभियानों को विस्तार दे रहा है, तब अनुभवी और प्रतिबद्ध नेतृत्व को बनाए रखना आवश्यक माना गया है।
रविवार को जारी आधिकारिक पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन की प्रशासनिक संरचना को सुदृढ़ करने, कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने और जमीनी स्तर पर सामाजिक अभियानों को प्रभावी दिशा देने में डॉ. मल्लप्पा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के वर्तमान चरण में निरंतर और सशक्त नेतृत्व की आवश्यकता है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा कि उनका निर्णय पद से अधिक उद्देश्य और सामाजिक दायित्व से प्रेरित है। उन्होंने कहा,
“जनसेवा का सार पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। संगठन द्वारा व्यक्त किया गया विश्वास मेरे लिए एक नैतिक दायित्व है। आत्ममंथन के बाद मैंने महसूस किया कि व्यक्तिगत विचारों से ऊपर उठकर संगठन की निरंतरता और सामूहिक दृष्टि को प्राथमिकता देना आवश्यक है। हमारा साझा लक्ष्य समाज का व्यापक उत्थान है और यह प्रयास बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे चरण संस्थाओं को अधिक स्पष्टता और परिपक्वता प्रदान करते हैं। “यह समय हमारी मूल प्रतिबद्धताओं को पुनर्स्थापित करने का अवसर है। हमने संगठित, पारदर्शी और प्रभावशाली सामाजिक पहलें खड़ी करने के उद्देश्य से यह यात्रा प्रारंभ की थी। अब नवीकृत ऊर्जा, बेहतर समन्वय और अनुशासित कार्यप्रणाली के साथ हम जमीनी स्तर पर गहरी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।”
डॉ. मल्लप्पा ने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन आने वाले समय में अधिक समन्वित रणनीति के साथ कार्य करेगा, जिससे उसकी सामाजिक पहुंच का विस्तार केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि प्रभाव की गुणवत्ता में भी परिलक्षित होगा।
तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में कार्य जारी रखते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने संस्थागत प्रक्रियाओं को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और सार्थक सामाजिक परिवर्तन को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।