एमसीएम डीएवी कॉलेज से गूंजा 'नो नशा नेशन' का संदेश, सैकड़ों विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ

एमसीएम डीएवी कॉलेज से गूंजा ‘नो नशा नेशन’ का संदेश, सैकड़ों विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ

नशे के खिलाफ युवा बनें बदलाव की ताकत, योगी सूरी ने दिलाई ‘नो नशा नेशन’ की शपथ

चंडीगढ़: आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी ने युवाओं से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा, “स्वामी दयानंद सरस्वती की तलवार बनो और नशे के राक्षस का अंत करो।” उन्होंने यह संदेश मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन (एमसीएम), चंडीगढ़ में आईक्यूएसी (IQAC) और विक्ट्री अगेंस्ट ड्रग एब्यूज (VADA) क्लब द्वारा इंडक्शन वीक-2026 के अंतर्गत आयोजित ‘ नो नशा नेशन ‘ जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को नशे और डिजिटल लत के बढ़ते खतरे से अवगत कराना तथा उन्हें अनुशासित, जिम्मेदार और मूल्य-आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चंडीगढ़ के जोनल निदेशक श्री अमनजीत सिंह (आईआरएस) विशिष्ट अतिथि रहे। साथ ही डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक (कॉलेज) डॉ. अनूप कुमार वत्स, कॉलेज की प्राचार्य श्रीमती मोना नारंग तथा उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक श्री नवदीप सिंह भी उपस्थित रहे।

छात्रों का स्वागत करते हुए योगी सूरी ने उन्हें जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा , ” असली आजादी वही है, जब व्यक्ति सही और जिम्मेदार फैसले लेना सीखता है। उन्होंने कहा कि आज नशा और डिजिटल लत युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में उभर रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य, समय, लक्ष्य और भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ‘नो नशा नेशन’ केवल नशे के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जनआंदोलन है, जो युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान युवाओं को नशे के बजाय अनुशासन, भटकाव के बजाय लक्ष्य और प्रलोभन के बजाय संस्कार चुनने का संदेश देता है तथा नशामुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और समाज मिलकर इसकी जिम्मेदारी निभाएंगे।

योगी सूरी ने नशे से दूरी बनाए रखने का सरल उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कोई व्यक्ति सांप के ज़हर से बचने के लिए उससे दूर रहता है, उसी प्रकार नशे से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय उससे पूरी तरह दूरी बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि समाज को हर बुराई का शुरुआत में ही सामना करना चाहिए, क्योंकि समय रहते नहीं रोकी गई बुराई आगे चलकर बड़ी चुनौती बन जाती है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ी गंभीर चुनौती है। युवाओं से उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की तरह साहस, संकल्प और आत्मविश्वास के साथ इसके खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया तथा कहा कि अच्छे संस्कार, आत्मअनुशासन और वेदों का ज्ञान हर प्रकार के नशे के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा, “आप स्वामी दयानंद सरस्वती की वह तलवार बनें, जो नशे के राक्षस का अंत करे।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने की सबसे बड़ी शक्ति हैं और नशामुक्त भारत के अभियान को नई दिशा दे सकती हैं।

अपने संबोधन के अंत में योगी सूरी ने सैकड़ों विद्यार्थियों को ‘नो नशा नेशन’ की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने नशामुक्त जीवन जीने, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने तथा इस अभियान का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आर्य युवा समाज द्वारा एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने अनुशासित, उद्देश्यपूर्ण और मूल्य-आधारित जीवन का प्रभावशाली संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि श्री अमनजीत सिंह (आईआरएस) ने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इससे जुड़े कई भ्रम दूर किए। उन्होंने विद्यार्थियों को आगाह किया कि नशे का केवल एक बार किया गया प्रयोग भी जीवनभर के लिए गंभीर परिणाम छोड़ सकता है। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज और सही परामर्श से नशे की लत से बाहर निकला जा सकता है तथा जरूरत पड़ने पर टेली-मानस (TELE-MANAS) मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन से बिना किसी झिझक के सहायता लेने की सलाह दी।

डॉ. अनूप कुमार वत्स ने कहा कि ‘नो नशा नेशन’ आज पूरे देश में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है और विद्यार्थियों से इस अभियान के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाने तथा इसके सक्रिय दूत बनने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज ने पंजाब विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आईक्यूएसी छात्रवृत्ति प्रदान कर सम्मानित किया। छात्राओं ने नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यवाहक प्राचार्य सुश्री नीना शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘नो नशा नेशन’ जैसे अभियान युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले नागरिक बनने के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।

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