स्व. सत्यनारायण सिन्हा की 125वीं जयंती पर राष्ट्र सेवा और लोकतांत्रिक योगदान को किया गया याद

स्व. सत्यनारायण सिन्हा की 125वीं जयंती पर राष्ट्र सेवा और लोकतांत्रिक योगदान को किया गया याद

नई दिल्ली: स्व. सत्यनारायण सिन्हा की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को नई दिल्ली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वतंत्रता सेनानी, संविधान सभा सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल के रूप में उनके योगदान को याद करते हुए उनके नाती एवं वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह द्वारा आयोजित सभा में परिवारजनों, शुभचिंतकों और गणमान्य लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्व. सत्यनारायण सिन्हा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण को नमन किया। इस दौरान उनके सम्मान में हुए पूर्व कार्यक्रमों की स्मृतियां भी साझा की गईं।

जुलाई 1900 में बिहार के एक जमींदार परिवार में जन्मे सत्यनारायण सिन्हा ने मुजफ्फरपुर जिला स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और बाद में पटना विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और 1924 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। 1926 में बिहार विधान परिषद तथा 1934 में केंद्रीय विधान सभा के सदस्य बनने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे बिहार से संविधान सभा के सदस्य चुने गए और बाद में लगातार प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ लोकसभा के सदस्य रहे। केंद्र सरकार में उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा संसदीय कार्य एवं संचार मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 1971 से 1977 तक उन्होंने मध्य प्रदेश के राज्यपाल का दायित्व भी संभाला।

इस अवसर पर राकेश कुमार सिंह ने कहा, “मेरे नानाजी स्व. सत्यनारायण सिन्हा का पूरा जीवन देश, लोकतंत्र और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। आज उनकी 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना हमारे लिए गर्व और भावनात्मक क्षण है। हम चाहते हैं कि नई पीढ़ी उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को जाने और उनसे प्रेरणा ले।”

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