छानबीन में जुटी SIT, फायर सेफ्टी में लापरवाही के संकेत, प्रधानमंत्री ने घायलों और मृतकों के परिजनों के लिए की आर्थिक मदद की घोषणा
कोलकाता के भीड़भाड़ वाले बड़ाबाजार इलाके में मंगलवार रात रितुराज होटल में आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं। हादसे के समय होटल में ठहरे कई लोग आग और धुएं में फंस गए। दम घुटने से अधिकांश लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति ने घबराकर छत से कूदकर आत्महत्या कर ली।
दमकल विभाग की मदद से करीब 25 लोगों को हाइड्रोलिक सीढ़ियों की मदद से छत, बालकनी और कमरों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम और पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने रेस्क्यू ऑपरेशन की पुष्टि की है।
फायर सेफ्टी सिस्टम में बड़ी चूक की आशंका, फॉरेंसिक जांच शुरू
पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि घटना की वजह जानने के लिए फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में होटल में फायर सेफ्टी उपकरणों की अनुपस्थिति या खराबी की बात सामने आ रही है। होटल को दी गई फायर सेफ्टी मंजूरी की समीक्षा भी की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा,
“कोलकाता में आग की घटना से जानमाल की हानि से व्यथित हूं। जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी संदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
Anguished by the loss of lives due to a fire mishap in Kolkata. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover soon.
— PMO India (@PMOIndia) April 30, 2025
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM…
SIT गठित, अग्निकांड के पीछे की वजहों की जांच जारी
राज्य सरकार ने इस भीषण अग्निकांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम न केवल घटना के कारणों की जांच करेगी, बल्कि होटल में सुरक्षा मानकों के पालन को भी परखेगी। इस हादसे के बाद एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा के नियमों को कितनी गंभीरता से लागू किया जा रहा है।
दिल्ली अग्निकांड की यादें ताजा, देशभर में अग्नि सुरक्षा को लेकर चेतावनी
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में दिल्ली में भी एक बड़े अग्निकांड में 27 लोगों की जान गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं दर्शाती हैं कि भारत में अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति कितनी खतरनाक हो सकती है। रितुराज होटल की यह घटना एक बार फिर से यह चेतावनी देती है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्निशमन नियमों का सख्ती से पालन और नियमित निगरानी अब और भी जरूरी हो गई है।
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