पापोरी हर्ष की ‘द जुगनी स्टोरी’ ने गुरुग्राम में बिखेरे सूफी, बॉलीवुड और लोक संगीत के रंग

पापोरी हर्ष की ‘द जुगनी स्टोरी’ ने गुरुग्राम में बिखेरे सूफी, बॉलीवुड और लोक संगीत के रंग

गुरुग्राम: गुरुग्राम में आयोजित ‘द जुगनी स्टोरी – द पापोरी हर्ष प्रोजेक्ट लाइव’ ने संगीत प्रेमियों को एक ऐसा अनुभव दिया, जिसमें सुरों के साथ यादें और भावनाएं भी जुड़ी रहीं। गायिका पापोरी हर्ष की इस प्रस्तुति में संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि जीवन के उन रिश्तों, अनुभवों और पलों को महसूस करने का जरिया बना, जो लंबे समय तक हमारी यादों में बने रहते हैं।

गुरुग्राम के एपिसेंटर में आयोजित इस कॉन्सर्ट में गायिका और परफॉर्मिंग आर्टिस्ट पापोरी हर्ष ने दर्शकों को सूफी संगीत, बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों, लोक संगीत और फ्यूजन की धुनों से सजी एक संगीतमय यात्रा पर ले गईं। संगीत के बदलते रंगों, कहानियों और अलग-अलग पसंद के अनुरूप गीतों ने शाम को आत्मचिंतन और उत्सव का खूबसूरत संगम बना दिया।

कॉन्सर्ट पांच संगीतमय अध्यायों में आगे बढ़ा, जिनमें से प्रत्येक का अपना अलग अंदाज था। जलसा: ऑफ राग्स, रूट्स एंड अ लिटिल रिबेलियन ने भारतीय संगीत परंपराओं और उनके नए प्रयोगों के साथ शाम की शुरुआत की। इसके बाद जिंदगी में प्रेम, जीवन और उन यात्राओं की बात हुई, जो हमें गढ़ती हैं। यमन और दोस्ती ने राग यमन की शास्त्रीय मिठास को दोस्ती की गर्मजोशी से जोड़ा। इसके बाद द कॉल ऑफ द डिवाइन ने एक गहरे जुड़ाव की तलाश को संगीत के जरिए व्यक्त किया। अंतिम अध्याय लीविंग विद अ ठुमका! ने शाम को जोश और उत्साह के साथ यादगार समापन दिया।

प्रस्तुति की खासियत संगीत की विभिन्न शैलियों और भावनाओं के बीच सहज बदलाव रहा। जहां एक ओर भावपूर्ण धुनों ने दर्शकों को ठहरकर महसूस करने का मौका दिया, वहीं परिचित गीतों और बदलती लय ने माहौल में नई ऊर्जा भर दी। इस तरह कार्यक्रम में आत्मचिंतन के साथ-साथ संगीत का भरपूर आनंद लेने के पल भी शामिल रहे।

दिल्ली से खास तौर पर कार्यक्रम में पहुंचीं संगीत प्रेमी डॉ. नीति ने प्रस्तुति का आनंद लिया। उन्होंने कहा, “मुझे कॉन्सर्ट का पूरा माहौल बहुत पसंद आया। गानों का चयन, मंच पर ऊर्जा और जिस तरह एक संगीतमय अध्याय दूसरे से जुड़ता गया, उसने पूरे कार्यक्रम को दिलचस्प बनाए रखा। यह एक अलग और ताजगी भरा अनुभव था और मैंने इसके हर पल का आनंद लिया।”

कार्यक्रम में शामिल अभिषेक ने भी इसकी ऊर्जा और गीतों के चयन की सराहना की। उन्होंने कहा, “पूरी शाम की ऊर्जा शानदार थी। गानों का चयन बहुत अच्छा था और जिस तरह पापोरी हर्ष ने सूफी, बॉलीवुड और लोक संगीत को एक साथ प्रस्तुत किया, उसने अनुभव को और भी खास बना दिया। पूरा माहौल बेहद शानदार था और संगीत में पूरी तरह डूब जाने का एहसास हो रहा था।”

पापोरी हर्ष की संगीत यात्रा भी उनके मंचीय व्यक्तित्व को एक अलग आयाम देती है। पूर्णकालिक संगीत को अपनाने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब 15 वर्षों तक कॉरपोरेट नेतृत्व, कंसल्टिंग, मैनेजमेंट ट्रेनिंग और अकादमिक क्षेत्र में काम किया। कॉरपोरेट दुनिया से संगीत के मंच तक का उनका सफर मानवीय व्यवहार, भावनात्मक समझ और व्यक्तिगत विकास में उनकी रुचि को दर्शाता है।

संगीत में संगीत विशारद की उपाधि प्राप्त पापोरी हर्ष ने विदुषी पद्मजा चक्रवर्ती से प्रशिक्षण लिया, जो महान शास्त्रीय गायिका विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या रही हैं। उनके संगीत में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, सूफी, लोक, गजल, बॉलीवुड और भारतीय फ्यूजन की झलक मिलती है। उन्होंने बोस्टन स्थित बर्कली कॉलेज ऑफ म्यूजिक से म्यूजिक एंड वेलनेस तथा कैलिफोर्निया स्थित बर्कले कॉलेज से हैप्पीनेस कोचिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।

संगीत के जरिए लोगों से जुड़ने की उनकी सोच मंच से आगे भी दिखाई देती है। पापोरी हर्ष ने द म्यूजिक विलेज इंडिया की स्थापना की, जो संगीत, माइंडफुलनेस और भावनात्मक स्वास्थ्य को एक साथ लाने वाला सामुदायिक मंच है। इसके तहत वेलनेस सत्रों, विशेष रिट्रीट और TMV होप स्क्वॉड पहल के माध्यम से बेंगलुरु के वंचित समुदायों के युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को सहयोग देने का प्रयास किया जाता है।

द जुगनी स्टोरी – द पापोरी हर्ष प्रोजेक्ट लाइव पापोरी हर्ष के 2026 टूर का हिस्सा है। गुरुग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम को टोयोटा ने पावर किया, जबकि Kognaz, konverz.ai, STRAT-BOARD, Urban Ayush, The Music Village और Teen Keedey ने सहयोग दिया।

शाम के अंत तक द जुगनी स्टोरी संगीत और भावनाओं के कई रंगों से होकर गुजरी। इसने दर्शकों को एक ऐसा अनुभव दिया, जिसमें गीतों के साथ-साथ उनसे जुड़ी यादों, रिश्तों और एहसासों को भी जगह मिली।

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