ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल के लिए डॉ. के. ए. पॉल का राष्ट्रीय आह्वान ‘चलो चेन्नई’, पीएम मोदी और राहुल गांधी को मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण

‘चलो चेन्नई’ के साथ ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल का राष्ट्रीय आह्वान, डॉ. के. ए. पॉल ने पीएम मोदी और राहुल गांधी को मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रित किया

नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026।

डॉ. के. ए. पॉल ने अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ‘चलो चेन्नई’ का राष्ट्रीय आह्वान किया है। उन्होंने 22 फरवरी को चेन्नई में आयोजित होने वाले ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में देशवासियों और राजनीतिक नेतृत्व से बड़ी संख्या में भागीदारी की अपील की है।

नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. पॉल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने वाशिंगटन डी.सी. और न्यूयॉर्क में कई वरिष्ठ अमेरिकी सांसदों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी सीनेट और कांग्रेस के रिपब्लिकन तथा डेमोक्रेटिक सदस्यों से बातचीत की। साथ ही अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन से भी मुलाकात हुई, जिन्होंने भारत और इस शांति पहल के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

डॉ. पॉल ने कहा कि इन बैठकों से स्पष्ट है कि भारत की अगुवाई में शांति स्थापित करने के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने इस पहल को मानवीय और गैर-राजनीतिक मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अनेक बड़े संघर्षों से जूझ रही है, जिससे व्यापक जनहानि और आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में भारत को संवाद, सुलह और स्थिरता के लिए वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए।

राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चेन्नई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों नेता शांति के मंच पर साथ दिखाई देते हैं तो यह देश में एकजुटता का मजबूत संदेश देगा और वैश्विक स्तर पर भारत की द्विदलीय प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।

इसके अलावा उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, विभिन्न दलों के सांसदों और अन्य राजनीतिक नेताओं को भी आमंत्रित किया है।

डॉ. पॉल ने कहा कि ‘चलो चेन्नई’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। उन्होंने देशवासियों, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से 22 फरवरी को चेन्नई पहुंचकर वैश्विक शांति के समर्थन में एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यह पहल राजनीति से ऊपर उठकर शांति को सर्वोपरि रखने का संदेश देती है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नैतिक नेतृत्व क्षमता को स्थापित करने का प्रयास है।

ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल का उद्देश्य विभिन्न देशों के लोगों को जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में भारत की आवाज को मजबूत करना है। डॉ. पॉल ने मीडिया संस्थानों से कार्यक्रम को व्यापक कवरेज देने और भारत का शांति संदेश वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की अपील की।

More From Author

टीडीएस नीति का दुष्प्रभाव: क्या भारत की क्रिप्टो टैक्स व्यवस्था खुद नुकसानदेह बन गई है?

टीडीएस नीति का दुष्प्रभाव: क्या भारत की क्रिप्टो टैक्स व्यवस्था खुद नुकसानदेह बन गई है?

दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में ‘समर्पण’ पुस्तक का विमोचन, युवाओं में वैचारिक जागृति का अभियान

दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में ‘समर्पण’ पुस्तक का विमोचन, युवाओं में वैचारिक जागृति का अभियान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

ब्रिटेन की नई क्रिप्टो नीति से भारत को मिला बड़ा संकेत

नई दिल्ली, 25 मई 2026 ब्रिटेन ने क्रिप्टो को लेकर अपने रवैये में बड़ा बदलाव किया है। जिसे कभी जोखिम भरा और अस्थिर क्षेत्र माना जाता था, अब उसे मुख्यधारा की वित्तीय व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। ब्रिटेन...