1,200 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी में आयोजित भव्य समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता, पेशेवर नेतृत्व और विकसित भारत 2047 के विजन पर जोर
नई दिल्ली, 22 मई 2026
द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) ने नई दिल्ली के सी. सुब्रमण्यम कन्वेंशन सेंटर, आईसीएआर-एनएएससी कॉम्प्लेक्स में 13वें राष्ट्रीय छात्र कॉन्वोकेशन 2026 का आयोजन किया। कार्यक्रम में देशभर से 1,200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें नए कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स (सीएमए), रैंक होल्डर्स, शिक्षक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, पेशेवर सदस्य और अभिभावक शामिल रहे।
इस आयोजन ने विकसित भारत 2047 के विजन के तहत देश के आर्थिक विकास, वित्तीय पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था में सीएमए पेशे की बढ़ती भूमिका को सामने रखा।
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं भारत सरकार में शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार और पूर्व केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. सत्यानारायण जटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि व्यापार, शासन और अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में आईसीएमएआई जैसे संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि आज के सीएमए केवल रिकॉर्ड रखने या बैलेंस शीट तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कंपनियों और संस्थानों के बड़े फैसलों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सीएमए को वित्त के साथ-साथ बिजनेस मॉडल, संचालन, जोखिम प्रबंधन, दक्षता और रणनीति की समझ भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के पेशेवर निवेश, मूल्य निर्धारण, विस्तार और लंबी अवधि की योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी काम कर रहे हैं।
उन्होंने छात्रों से ईमानदारी और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि “विश्वसनीयता ही इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने कहा कि तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से इस क्षेत्र को बदल रहे हैं और आने वाला समय उन्हीं पेशेवरों का होगा जो नई तकनीकों के साथ खुद को ढाल पाएंगे।
डॉ. सुकांत मजूमदार ने छात्रों को “भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय योद्धा” बताते हुए कहा कि सीएमए देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि आईसीएमएआई पिछले कई दशकों से देश में वित्तीय अनुशासन, लागत नियंत्रण और पारदर्शिता को मजबूत करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज यह पेशा भारत की विनिर्माण वृद्धि, जीएसटी सुधारों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के केंद्र में है।
उन्होंने छात्रों को एआई, बिग डेटा और डिजिटल तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेशेवर जीवन में ईमानदारी और विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।
आईसीएमएआई के अध्यक्ष सीएमए टीसीए श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि बदलती तकनीक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सतत विकास की जरूरतों के कारण सीएमए की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज सीएमए केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि रणनीतिक सलाहकार, नीति निर्माता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने वाले पेशेवर बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि लागत प्रतिस्पर्धा, संसाधनों के बेहतर उपयोग, कॉरपोरेट गवर्नेंस, कर व्यवस्था, जोखिम प्रबंधन और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सीएमए की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि आईसीएमएआई के सदस्य भारत और विदेशों में सरकार, उद्योग, शिक्षा और कॉरपोरेट क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिटिक्स और नई तकनीकों के अनुसार खुद को तेजी से तैयार कर रहा है।
कॉन्वोकेशन समिति के संयोजक और आईसीएमएआई के पूर्व अध्यक्ष सीएमए अश्विन कुमार जी. दलवाड़ी ने कहा कि यह कॉन्वोकेशन छात्रों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक समारोह नहीं, बल्कि छात्रों के नए पेशेवर जीवन की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि नए छात्र अब एक लाख से अधिक योग्य सीएमए पेशेवरों के उस समूह का हिस्सा बन रहे हैं, जो उद्योग, सरकार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर के साथ मिलकर विशेष फॉरेंसिक ऑडिट कार्यक्रम शुरू कर रहा है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के सहयोग से एआई आधारित पाठ्यक्रम और एआई-सक्षम लर्निंग सिस्टम भी शुरू किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जून 2025 और दिसंबर 2025 सत्र के सीएमए फाइनल परीक्षा के टॉपर्स को सम्मानित किया गया। जून 2025 में हंस अमरेश जैन, चिराग कसाट और त्रिशिर गोयल ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि दिसंबर 2025 में एमडी फैजान, मोहित सुखानी और कनिका डांगायच टॉपर्स रहे।
समारोह में 200 से अधिक रैंक होल्डर्स को सम्मानित किया गया। वहीं 47 पुरस्कार विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए। इसके अलावा 152 छात्रों को सहभागिता प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन कॉन्वोकेशन समिति के अध्यक्ष सीएमए विनयारंजन पी. के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने छात्रों को बधाई देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।