गेल ने ‘नए भारत की नई एनर्जी’ एंथम के साथ शुरू किया अभियान का नया सीज़न

गेल ने ‘नए भारत की नई एनर्जी’ एंथम के साथ शुरू किया अभियान का नया सीज़न

गेल ने ‘वाह क्या एनर्जी है’ सीज़न 2 के साथ ‘नए भारत की नई एनर्जी’ एंथम जारी किया। अभियान में चार फिल्में स्वच्छ ईंधन का महत्व बताती हैं

नई दिल्ली: गेल (इंडिया) लिमिटेड ने अपने उपभोक्ता जागरूकता अभियान ‘वाह क्या एनर्जी है’ के दूसरे सीज़न के साथ ‘नए भारत की नई एनर्जी’ एंथम रिलीज़ किया है। कंपनी ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अभियान की चार लघु फिल्में भी जारी की हैं।

इस पहल के जरिए गेल का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को बेहतर ईंधन चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान में CNG, PNG, LNG और CBG जैसे विकल्पों को प्रमुखता दी गई है।

चार फिल्मों में दिखाई गईं रोजमर्रा की परिस्थितियां

अभियान की लघु फिल्में मिश्रा परिवार की जिंदगी पर आधारित हैं। इनमें वाराणसी घूमने, नाव की सवारी करने, पारिवारिक समारोह में शामिल होने और फैक्ट्री से जुड़ी परिस्थितियों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है।

हर एपिसोड लगभग 8 से 10 मिनट का है। फिल्में हास्य और सहज कहानी के जरिए यह बताने का प्रयास करती हैं कि ऊर्जा से जुड़े विकल्प दैनिक जीवन में किस तरह प्रासंगिक हो सकते हैं।

चार मिनट से लंबा है नया एंथम

‘नए भारत की नई एनर्जी’ एंथम चार मिनट से अधिक लंबा है। इसमें गेल के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और विभिन्न ऊर्जा समाधानों को जगह दी गई है। इनमें वाराणसी का भारत का पहला फ्लोटिंग CNG स्टेशन और कंप्रेस्ड बायोगैस शामिल हैं।

एंथम में बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और रक्षा बलों के सदस्यों को दिखाया गया है। इसके जरिए कंपनी ने ऊर्जा के बेहतर विकल्प अपनाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने के महत्व को सामने रखा है।

स्वच्छ ऊर्जा पर संवाद बढ़ाने की पहल

गेल के निदेशक (मानव संसाधन) और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स एवं ब्रांडिंग प्रमुख आयुष गुप्ता के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सहज कहानियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बारे में जागरूक करना है।

उन्होंने जेनरेशन Z को ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वर्ग बताया। चारों फिल्मों में श्रीकांत वर्मा, दिव्या जगदाले, लव विस्पुटे और अहमद खान नजर आते हैं।

गेल प्राकृतिक गैस और अन्य स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के साथ भारत के सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देने का प्रयास कर रहा है।

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