InsCost Framework क्या है और बीमा कंपनियों को इससे क्या फायदा होगा? ICMAI की इस पहल में लागत नियंत्रण, पारदर्शिता और उत्पाद लाभप्रदता पर जोर है
नई दिल्ली: बीमा कंपनियों के लिए लागत प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में ICMAI ने एक नया फ्रेमवर्क पेश किया है। ‘InsCost’ नाम का यह ढांचा लागत प्रबंधन, लागत प्रशासन, लागत प्रकटीकरण और लागत आश्वासन को एक साथ लाता है।
ICMAI ने इसका पहला संस्करण 2026 में जारी किया है। इसका उद्देश्य बीमा कंपनियों को अपनी लागत से जुड़ी जानकारी का बेहतर इस्तेमाल करने और कारोबारी फैसलों में लागत को अधिक प्रभावी तरीके से शामिल करने में मदद करना है।
InsCost Framework में क्या शामिल है?
इस फ्रेमवर्क में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है:
- लागत रिकॉर्ड और लागत जानकारी
- लागत प्रबंधन
- लागत प्रशासन
- लागत प्रकटीकरण
- लागत आश्वासन
इसके अलावा रणनीतिक लागत प्रबंधन और उत्पाद लाभप्रदता को भी फ्रेमवर्क में शामिल किया गया है।
किन बीमा क्षेत्रों पर लागू होगा?
ICMAI ने InsCost को अलग-अलग बीमा क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया है। इसमें जीवन बीमा, सामान्य बीमा, स्वास्थ्य बीमा, पुनर्बीमा और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा संस्थाएं शामिल हैं।
इससे कंपनियों को अपने संबंधित कारोबारी मॉडल के अनुसार लागत का आकलन करने में मदद मिल सकती है।
लागत नियंत्रण क्यों जरूरी?
बीमा कंपनियों का खर्च केवल दावों तक सीमित नहीं रहता। अधिग्रहण, खरीद, वितरण, बैंकएश्योरेंस और रोजमर्रा के परिचालन में भी लागत आती है।
फ्रेमवर्क इन सभी खर्चों को बेहतर तरीके से समझने और नियंत्रित करने पर जोर देता है। इससे कंपनियां अपनी प्रक्रियाओं की दक्षता और उत्पादों की लाभप्रदता का बेहतर आकलन कर सकती हैं।
IRDAI के नियमों के अनुरूप तैयार
ICMAI ने बताया कि InsCost को IRDAI के मौजूदा नियामकीय ढांचे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें लागत आवंटन, प्रबंधन व्यय, दावों और वितरण से जुड़ी लागत तथा सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया है।
कंपनियां चरणबद्ध तरीके से कर सकेंगी लागू
फ्रेमवर्क में Cost Maturity Model और Implementation Roadmap दिया गया है। इसका उद्देश्य कंपनियों को उनकी क्षमता और तैयारी के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागत प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने में मदद करना है।
पॉलिसीधारकों को भी फायदा
ICMAI के अनुसार, बेहतर लागत प्रबंधन से कंपनियों को अधिक किफायती बीमा उत्पाद तैयार करने में मदद मिल सकती है। इससे बीमा सेवाओं की दक्षता बढ़ाने और पॉलिसीधारकों को बेहतर मूल्य देने में भी मदद मिल सकती है।
ICMAI के उपाध्यक्ष CMA मनोज आनंद ने कहा कि लागत संबंधी सही जानकारी उत्पाद, प्रक्रिया और परिचालन स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है।
2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ लक्ष्य
ICMAI अध्यक्ष CMA चित्तरंजन चट्टोपाध्याय ने कहा कि भारत के 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को देखते हुए लागत प्रबंधन और प्रशासन की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि InsCost बीमा कंपनियों, निदेशक मंडलों, नियामकों और पेशेवरों के लिए उपयोगी ढांचा साबित होगा।