गर्मी के मौसम में चीनी और शहद (Sugar or Honey) में क्या बेहतर है? जानें दोनों के फायदे-नुकसान, सही इस्तेमाल के तरीके और एक्सपर्ट्स की सलाह।
नई दिल्ली: गर्मी के महीनों में शरीर की गर्मी अपने आप बढ़ जाती है। ऐसे में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल यह होता है कि शहद बेहतर हैं या सफेद चीनी (Sugar or Honey)? कौन सा ज्यादा सुरक्षित है और शरीर के लिए कौन सा फायदेमंद है ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार , दोनों अपनी-अपनी जगह बेहतर होते हैं, लेकिन गर्म मौसम में सही तरीके से इस्तेमाल करने पर शहद को ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है।
सफेद चीनी: तेज एनर्जी लेकिन गर्मी में बोझ
ब्लड शुगर क्रैश- तेजी से शुगर लेवल बढ़ता है, फिर गिरता है। नतीजा – ज्यादा थकान, चिड़चिड़ापन और बार-बार भूख लगना।
डिहाइड्रेशन का खतरा- चीनी शरीर से पानी खींचती है। गर्मी में पसीना पहले से ज्यादा निकल रहा होता है, तो चीनी इसे और बढ़ा सकती है।
कोई पोषक तत्व नहीं- यह सिर्फ कैलोरी देता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स या एंटीऑक्सीडेंट नहीं होते।
शहद: प्राकृतिक पावरहाउस लेकिन गर्मी में सावधानी जरूरी
सस्टेनेबल एनर्जी- शहद तुरंत शुगर स्पाइक नहीं करता, बल्कि धीरे-धीरे ऊर्जा देता है, जिससे थकान कम होती है।
हाइड्रेशन सपोर्ट- इसमें मौजूद कुछ मिनरल्स पसीने से हुए नुकसान की भरपाई करने में सहायक होते हैं।
इम्यूनिटी बूस्टर- धूल, एलर्जी और गर्मी से होने वाली परेशानी में राहत देता है, साथ ही त्वचा और गले को भी आराम पहुंचाता है।
पाचन में मदद- गर्मी में भूख कम लगती है, ऐसे में शहद हल्का होता है और पाचन में मदद करता है।
चीनी या शहद?
| पहलू | सफेद चीनी | रॉ शहद | गर्मी में विजेता? |
|---|---|---|---|
| एनर्जी | तेज लेकिन क्रैश | सस्टेनेबल | शहद |
| हाइड्रेशन | नुकसान | ट्रेस मिनरल्स से मदद | शहद |
| ब्लड शुगर | तेज स्पाइक | कम GI, बेहतर कंट्रोल | शहद |
| पोषक तत्व | शून्य | विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स | शहद |
| आयुर्वेदिक प्रभाव | पित्त बढ़ाने वाला | उष्ण लेकिन ठंडे तरीके से ठीक | शहद (सावधानी से) |
| कैलोरी (1 चम्मच) | 45-50 | 64 (लेकिन कम इस्तेमाल) | बराबर |
क्या है सही विकल्प?
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में अगर मीठा लेना ही है तो शहद को सीमित मात्रा में ठंडे पेय के साथ लिया जा सकता है। वहीं, चीनी का इस्तेमाल कम से कम करना अच्छा रहेगा।
क्या करें और क्या न करें
- शहद को ठंडे ड्रिंक्स में ही मिलाएं- शहद को नींबू पानी, पुदीना शरबत या नारियल पानी में रूम टेम्परेचर पर मिलाएं और गर्म चाय या दूध में मिलाने से बचें।
- मात्रा सीमित रखें- दिन में 1-2 चम्मच से ज्यादा शहद न लें। बच्चों, डायबिटीज वाले व्यक्ति को कम मात्रा में दें।
- प्योरिटी चेक करें: बाजार में मिलावटी शहद आम है। असली शहद की बोतल उल्टी करके देखें कि शहद धीरे-धीरे नीचे आ रहा हैं या नहीं।
- चीनी को पूरी तरह न छोड़ें: अगर शहद उपलब्ध नहीं हैं तो चीनी को थोड़ी मात्रा में लेना ठीक है, लेकिन फ्रूट्स (खरबूज, तरबूज) से मीठा लेना सबसे अच्छा होता हैं।
गर्मी के मौसम में सेहत का मूल आधार संतुलन है । शहद या चीनी दोनों ही पूरी तरह से हानिकारक नहीं हैं। सही मात्रा और उचित उपयोग ही वास्तव में फर्क लाते हैं । इस मौसम में पानी , फल और हल्का भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं ।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह या उपचार का विकल्प न समझें। AWAZ HINDUSTAN KI इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।