भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन में व्यापार पर जोर

भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन में व्यापार और कनेक्टिविटी पर फोकस, नए सहयोग की तलाश

भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन ताजिकिस्तान में व्यापार, परिवहन गलियारों, कनेक्टिविटी, संस्कृति और आर्थिक सहयोग की संभावनाओं का अध्ययन करेगा

दुशांबे, ताजिकिस्तान: भारत और ताजिकिस्तान के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं को समझने के लिए भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन शुरू हो गया है। भारत के राजदूत राजेश उइके ने दुशांबे के इस्माइल सोमोनी स्क्वायर से अभियान को हरी झंडी दिखाई।

MERI सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के नेतृत्व में आयोजित यह अभियान दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क, संस्थागत संवाद और द्विपक्षीय समझ को मजबूत करने का प्रयास है।

अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में जुल्फिया बुरहोन, प्रो. उस्मोनजोडा, इंडोलॉजी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। ताजिकिस्तान के राजदूत लुकमोन बोबोबकलोंजोडा ने भी अभियान टीम को शुभकामनाएं दीं।

ताजिकिस्तान ने 9 सितंबर को अपनी स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ मनाई। रोड एक्सपीडिशन इसी अवसर के बाद आयोजित किया जा रहा है और इसका लक्ष्य दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।

कनेक्टिविटी और परिवहन गलियारों का अध्ययन

अभियान के दौरान टीम ताजिकिस्तान में परिवहन गलियारों की भूमिका और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का अध्ययन करेगी। टीम भारत और ताजिकिस्तान के साझा हितों की पहचान करते हुए भविष्य के सहयोग के संभावित क्षेत्रों को समझेगी।

इसके अलावा टीम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के व्यावहारिक अवसरों पर भी अध्ययन करेगी।

7 से 21 सितंबर तक चलेगा अभियान

MERI CIS के प्रमुख और इंडिया-सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक प्रो. (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।

MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल और लव अग्रवाल भी अभियान दल में शामिल हैं।

टीम 7 से 21 सितंबर 2026 के बीच ताजिकिस्तान के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेगी। सड़क यात्रा के साथ टीम क्षेत्रीय अध्ययन और स्थानीय संवाद भी करेगी।

ताजिकिस्तान के कई प्रमुख क्षेत्रों का दौरा

अभियान का रूट दुशांबे, बुख्तर, कुलोब, दरवोज, खोरोग, इश्काशिम, कालाई खुम्ब, दंगारा, नुरेक, इस्कंदरकुल झील, पंजाकेंट और खोजेंट से होकर गुजरेगा।

टीम इस यात्रा के दौरान ताजिकिस्तान की भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत, क्षेत्रीय आर्थिक क्षमता और परिवहन व्यवस्था को करीब से समझेगी।

MERI CIS मंत्रालयों, दूतावासों और अन्य संस्थानों के साथ समन्वय कर अभियान का संचालन कर रहा है।

भारत-मध्य एशिया सहयोग को बढ़ावा

अभियान भारत-मध्य एशिया संबंधों को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संवाद, सांस्कृतिक समझ, क्षेत्रीय अध्ययन और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देगा।

इसके जरिए व्यापार, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में नए सहयोग की संभावनाओं की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।

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