नामीबिया में UPI की एंट्री: भारत की डिजिटल ताकत को मिला नया वैश्विक मंच

नामीबिया में UPI की एंट्री: भारत की डिजिटल ताकत को मिला नया वैश्विक मंच

पीएम मोदी की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान हुआ लाइसेंसिंग समझौता, अफ्रीका का पहला देश बनेगा नामीबिया

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक नामीबिया यात्रा के दौरान भारत और नामीबिया के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर एक अहम लाइसेंसिंग समझौता हुआ। इस करार के तहत नामीबिया जल्द ही UPI आधारित लेनदेन को अपनाने वाला अफ्रीका का पहला देश बन जाएगा।

यह निर्णय नामीबिया की राजधानी विंडहोक में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. नेतुम्बो नंदी-एनदैतवाह के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान लिया गया। पीएम मोदी बुधवार सुबह नामीबिया पहुंचे, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ भव्य स्वागत मिला।

इस महत्वपूर्ण मौके पर राष्ट्रपति एनदैतवाह ने प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्शिएंट वेल्वित्शिया मिराबिलिस’ प्रदान किया। यह सम्मान नामीबिया के प्रतीक माने जाने वाले वेल्वित्शिया पौधे के नाम पर आधारित है, जो दीर्घायु, धैर्य और संघर्ष का प्रतीक है। पीएम मोदी ने यह सम्मान भारत और नामीबिया की जनता को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा वर्ष 1998 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नामीबिया यात्रा है। इससे पहले वह घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा ब्राजील का दौरा कर चुके हैं—जहां उन्हें इन देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिल चुके हैं। अब तक पीएम मोदी को 27 देशों से शीर्ष नागरिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

बैठक में भारत और नामीबिया ने डिजिटल तकनीक, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, कृषि, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर में सहयोग को लेकर व्यापक सहमति व्यक्त की। भारत ने नामीबिया को इन क्षेत्रों में तकनीकी मदद और विशेषज्ञता देने की पेशकश भी की है।

यह समझौता न सिर्फ भारत की डिजिटल क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाता है, बल्कि यह अफ्रीका समेत अन्य विकासशील देशों में भारतीय तकनीक के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है।

More From Author

डॉ. के.ए. पॉल ने पुल हादसों पर सरकार की उदासीनता और ईडी की जांच में राजनीतिक भेदभाव को कसा निशाना

सामाजिक बदलाव की रफ्तार पर सवार बिहार, राजनीति में रच रहा नई इबारत

सामाजिक बदलाव की रफ्तार पर सवार बिहार, राजनीति में रच रहा नई इबारत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन्स का भविष्य: दुनिया की वित्तीय व्यवस्था कैसे बदल सकती है?

नई दिल्ली: हाल ही में 14 मई को अमेरिकी सीनेट की बैंकिंग समिति ने ‘डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट’ को हरी झंडी दी। इसके साथ ही अमेरिका क्रिप्टो बाजार के लिए अपना पहला व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने के करीब...