भारत और मंगोलिया के बीच 17वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफैंट’ आज उलानबाटार में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। समापन समारोह में भारत सरकार के रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, महानिदेशक (ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स और स्ट्रैटेजिक मूवमेंट) ने भाग लिया।
इस दो सप्ताह लंबे अभ्यास में भारतीय सेना के 45 जवानों का दल, जो मुख्य रूप से अरुणाचल स्काउट्स की एक बटालियन से था, ने सक्रिय भागीदारी की। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य था—संयुक्त राष्ट्र के अधीन अर्ध-शहरी और पहाड़ी क्षेत्रों में अर्ध-पारंपरिक युद्ध परिस्थितियों में कार्य करते हुए दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और तालमेल को बेहतर बनाना।
समापन समारोह में अपने संबोधन में रक्षा सचिव ने भारतीय जवानों की पेशेवर दक्षता, समर्पण और अनुशासित व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास भारत और मंगोलिया के बीच स्थायी मित्रता, आपसी विश्वास और सांस्कृतिक साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास न केवल सैन्य सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बना, बल्कि भारत की क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

रक्षा सचिव ने यह भी रेखांकित किया कि इस प्रकार के संयुक्त अभ्यासों में भारतीय सेना की भागीदारी से न केवल संचालनात्मक तैयारियों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि भारत की वैश्विक शांति अभियानों में एक जिम्मेदार भूमिका भी मजबूत होती है।
रक्षा सचिव आगामी दिन ‘खान क्वेस्ट 2025’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास के उद्घाटन समारोह में भी भाग लेंगे, जिसका आयोजन भी उलानबाटार में किया जा रहा है। यह अभ्यास 14 से 28 जून 2025 तक चलेगा, जिसमें भारतीय सेना की टुकड़ी भी भाग ले रही है।
भारत और मंगोलिया के बीच आयोजित ये दोनों अभ्यास—नोमैडिक एलीफैंट और खान क्वेस्ट—भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं और मंगोलिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करते हैं।
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