NEET घोटाले की जांच में नया मोड़: INNOVATIVEVIEW कंपनी की भूमिका को लेकर उठे कई गंभीर प्रश्न

NEET घोटाले की जांच में नया मोड़: INNOVATIVEVIEW कंपनी की भूमिका को लेकर उठे कई गंभीर प्रश्न

परीक्षा सुरक्षा, बायोमेट्रिक व्यवस्था और संविदा प्रक्रिया को लेकर सामने आए आरोपों के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो गई है।

नई दिल्ली: लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी NEET परीक्षा एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में सामने आई विस्तृत इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में परीक्षा सुरक्षा और बायोमेट्रिक सत्यापन सहित कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए गए हैं, जिनमें INNOVATIVEVIEW कंपनी की भूमिका को लेकर गंभीर दावे किए गए हैं।

यदि रिपोर्ट में किए गए दावे सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं रहेगा। यह देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन सकता है।

2017 से एक ही कंपनी को जिम्मेदारियां क्यों?

इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के अनुसार, NTA के गठन के बाद वर्ष 2017 से INNOVATIVEVIEW को लगातार परीक्षा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जाते रहे। इनमें CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग, अभ्यर्थियों की पहचान और अन्य सुरक्षा प्रबंधन शामिल हैं।

रिपोर्ट कई सवाल उठाती है—

• इतने बड़े देश में वर्षों तक एक ही कंपनी को ऐसे संवेदनशील कॉन्ट्रैक्ट क्यों मिले?
• क्या टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी?
• क्या अन्य योग्य कंपनियों को समान अवसर मिले?
• क्या इतने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय-समय पर स्वतंत्र ऑडिट किया गया?

यदि किसी एक निजी कंपनी के पास वर्षों तक इतनी बड़ी जिम्मेदारी रही, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

बायोमेट्रिक सिस्टम पर सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, कई परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन सफल नहीं होने के बावजूद अभ्यर्थियों को Concern Form भरवाकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई।

यदि यह दावा सही है, तो यह जांच का विषय है कि क्या इससे डमी उम्मीदवारों या पहचान संबंधी गड़बड़ियों की संभावना बढ़ी। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई सुरक्षा व्यवस्था पर ऐसे सवाल पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करते हैं।

EDCIL के जरिए कॉन्ट्रैक्ट मिलने का दावा

इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बाद के वर्षों में INNOVATIVEVIEW को सरकारी उपक्रम EDCIL के माध्यम से भी कार्य मिले।
यदि ऐसा हुआ, तो यह जांच का विषय है कि क्या इससे पारदर्शिता बढ़ी या पहले जैसी व्यवस्था किसी दूसरे माध्यम से जारी रही।

सबसे बड़ी कीमत छात्रों ने चुकाई

इस पूरे विवाद का सबसे अधिक असर उन लाखों छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने वर्षों तक मेहनत कर NEET की तैयारी की।
जब परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों का आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है।

शिक्षा व्यवस्था में भरोसा लौटाना जरूरी

NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के करियर का आधार है। इसलिए परीक्षा सुरक्षा से जुड़े हर सवाल का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना जरूरी है।

यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्रों और अभिभावकों का भरोसा और कमजोर होगा। अब आवश्यकता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाया जाए।

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