आनंदोत्सव ’26 में YaRI पहल के जरिए यमुना संरक्षण और नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने विद्यार्थियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की
नई दिल्ली: यमुना नदी के संरक्षण और नशे के खिलाफ जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आनंदोत्सव ’26 के दूसरे दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। आर्य समाज वसंत विहार में हुए 40वें वार्षिक अंतरविद्यालय महोत्सव में विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने युवाओं से अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल समाज की चुनौतियों का समाधान खोजने में करने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और एनजीटी के पूर्व अध्यक्ष ने नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए जागरूकता को इससे मुकाबले का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
महोत्सव के दूसरे दिन ‘YaRI’ (यमुना एक्शन रिवर इनिशिएटिव) के जरिए यमुना में बढ़ते प्रदूषण और नदी को सुरक्षित रखने की जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का महत्व समझाया गया।

मॉडर्न स्कूल, वसंत विहार की प्रधानाचार्य विभा खोसला ने यमुना नदी से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रस्तुति दी। महात्मा आनंद स्वामी प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी। वहीं, ‘YaRI – Our Responsibility’ शीर्षक वाले नुक्कड़ नाटक ने नदी प्रदूषण की समस्या और उसके समाधान में नागरिक भागीदारी की आवश्यकता को सामने रखा।
कार्यक्रम में जस्टिस प्रीतम पाल ने मानवीय मूल्यों और अच्छे इंसान बनने की अहमियत पर जोर दिया। आर्य समाज वसंत विहार के अध्यक्ष संतोष कपूर और आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी सहित अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।
आनंदोत्सव ’26 में दिल्ली के 79 स्कूलों के करीब 2,500 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 14 अक्टूबर को ‘नो नशा नेशन’ अभियान के साथ हुई थी। 16 अक्टूबर को पद्मश्री डॉ. पुनम सूरी की उपस्थिति में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ इसका समापन होगा।