आईआईटी बॉम्बे में हुए NEC 2025 फाइनल्स में ई-सेल, एमईआरआई कॉलेज ने 57वें स्थान से टॉप–5 तक का सफर तय कर उत्तर भारत का नाम रोशन किया।
नई दिल्ली | 17 दिसंबर 2025
एमईआरआई कॉलेज के ई-सेल ने नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप चैलेंज (NEC) 2025 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच टॉप–5 रैंक हासिल की। यह उपलब्धि आईआईटी बॉम्बे में आयोजित 21वें ई-समिट के दौरान हुए फाइनल्स में घोषित की गई, जहां लगभग 4,000 संस्थानों की भागीदारी के बीच ई-सेल, एमईआरआई ने अपनी सशक्त पहचान स्थापित की।
इस सफलता की खास बात यह रही कि प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में 57वें स्थान पर रहने के बावजूद टीम ने मजबूत रणनीति और निरंतर प्रयासों के दम पर शानदार वापसी की। 31 जनवरी 2025 को शुरुआती चरण में बाहर होने के बाद टीम ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े सुधार किए और अनुशासन, स्पष्ट लक्ष्य तथा दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ी।
ई-सेल, एमईआरआई की इस उपलब्धि के पीछे जोरावर सिंह (NEC लीडर), अनंत नूर सिंह (प्रेसिडेंट) और विशाल दुडेजा (वाइस NEC लीडर) का अहम योगदान रहा। इनके नेतृत्व, रणनीतिक सोच और टीम मैनेजमेंट ने संगठन को कठिन दौर से निकालकर शीर्ष रैंक तक पहुंचाया। इस दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर छाबड़ा ने NEC एक्सटर्नल मेंटर और इल्युमिनेट फैकल्टी मेंबर के रूप में अकादमिक एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
पूरे NEC 2025 सत्र में ई-सेल, एमईआरआई ने 40 से अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया और 18 प्रमुख NEC टास्क सफलतापूर्वक पूरे किए। इनमें इल्युमिनेट, यूरेका पिचिंग और फाउंडर्स एक्सपो जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल रहे। खास बात यह रही कि एमईआरआई कॉलेज उत्तर भारत का एकमात्र संस्थान बना, जिसने ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से यूरेका नॉर्थ ज़ोनल्स का सफल आयोजन किया।
मुंबई में आयोजित फाइनल्स के दौरान टीम ने प्रस्तुति, ग्रुप डिस्कशन, केस एनालिसिस और आईपीएल ऑक्शन राउंड सहित पांच चुनौतीपूर्ण चरणों में अपनी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मंच पर मौजूद सदस्यों के साथ-साथ पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाली टीम के संयुक्त प्रयासों ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
57वें स्थान से टॉप–5 तक का यह सफर ई-सेल, एमईआरआई के समर्पण, नेतृत्व और टीमवर्क की मिसाल है। इस सफलता के बाद टीम ने अब NEC 2026 के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, जहां लक्ष्य है—शीर्ष स्थान हासिल करना।