नोएडा: टाटा हिताची ने बौमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 में कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस की अपनी विस्तृत रेंज पेश की। कंपनी ने NX30 neo और ZAXIS 40U को लॉन्च किया। नई मशीनें कंपनी के कॉम्पैक्ट इक्विपमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत करती हैं।
टाटा हिताची ने अपने पैवेलियन में विभिन्न श्रेणियों की मशीनें प्रदर्शित की हैं। इनमें मिनी एक्सकेवेटर, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, कंस्ट्रक्शन एक्सकेवेटर, बैकहो लोडर और व्हील लोडर शामिल हैं।
कंपनी इन मशीनों के जरिए अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन एप्लीकेशन के लिए समाधान उपलब्ध करा रही है। इसका फोकस प्रोडक्टिविटी, वर्सेटिलिटी, टेक्नोलॉजी और भरोसेमंद प्रदर्शन पर है।
NX30 neo और ZAXIS 40U से कॉम्पैक्ट सेगमेंट मजबूत
नई NX30 neo और ZAXIS 40U मशीनें कॉम्पैक्ट इक्विपमेंट सेगमेंट में ग्राहकों के विकल्प बढ़ाती हैं। ये मशीनें खासतौर पर शहरी और विशेष कंस्ट्रक्शन एप्लीकेशन के लिए उपयोगी समाधान देती हैं।
टाटा हिताची ने NX सीरीज में NX30 neo, NX 50 और NX 80 को शामिल किया है। कंपनी इस सेगमेंट में ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
इलेक्ट्रिक और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर जोर
टाटा हिताची ने E-33U इलेक्ट्रिक मशीन को भी अपने शोकेस का हिस्सा बनाया है। कंपनी इसके जरिए इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन सॉल्यूशंस की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है।
अलग-अलग एप्लीकेशन के लिए एक्सकेवेटर
कंपनी की एक्सकेवेटर रेंज में ZAXIS 140H, EX 210LC Value+, EX 215LC Prime, ZAXIS 220LC Ultra और EX 350 Prime शामिल हैं। ये मशीनें अलग-अलग क्षमता और एप्लीकेशन की जरूरतों के लिए समाधान देती हैं।
टाटा हिताची ने Shinrai Prime और Shinrai Pro Backhoe Loaders के साथ TL 340H Prime Wheel Loader भी प्रदर्शित किया है।
अटैचमेंट से बढ़ती है मशीनों की क्षमता
टाटा हिताची के पैवेलियन में रॉक ब्रेकर, बकेट क्रशर और बकेट स्क्रीनर सहित कई एप्लीकेशन-स्पेसिफिक अटैचमेंट भी प्रदर्शित किए गए हैं।
ये अटैचमेंट मशीनों को अलग-अलग कार्यों के लिए इस्तेमाल करने में मदद करते हैं। ग्राहक इनका इस्तेमाल ब्रेकिंग, क्रशिंग, स्क्रीनिंग और मटीरियल हैंडलिंग जैसे कार्यों में कर सकते हैं।
कंपनी का यह इंटीग्रेटेड अप्रोच ग्राहकों को अधिक वर्सेटाइल मशीनें उपलब्ध कराता है। इससे एक ही इक्विपमेंट को कई एप्लीकेशन में इस्तेमाल करना आसान होता है और प्रोजेक्ट की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलती है।