दिल्ली शराब घोटाला: 11 दिसंबर से पहले जवाब देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह की याचिका पर केंद्र और ED को जारी किया नोटिस

29 नवंबर 23, नई दिल्ली

नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाले के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में AAP नेता संजय सिंह की गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और ईडी से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने केंद्र और ईडी को नोटिस जारी कर उनसे 11 दिसंबर से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। पीठ ने आदेश दिया कि अगर सिंह नियमित जमानत के लिए याचिका दायर करते हैं तो इस पर 20 अक्टूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले में की गई टिप्पणी से स्वतंत्र रूप से विचार किया जाना चाहिए।

सिंह को मामले में 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में मामले में उनकी गिरफ्तारी में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि वह साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने पर प्रमुख जांच एजेंसी पर राजनीतिक मकसद होने का आरोप नहीं मढ़ सकती। ईडी का धनशोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी से संबंधित है।

सीबीआई और ईडी के अनुसार अब समाप्त की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में बदलाव करते हुए अनियमितताएं की गई थीं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। आरोप है कि नीति बनाने और लागू करने में सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। निचली अदालत ने सिंह को उनकी गिरफ्तारी के बाद ईडी की हिरासत में भेजा था। उन्हें 13 अक्टूबर को 27 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

More From Author

Uttarkashi Tunnel Rescue: बैठक में मिलकर भोजन, मॉर्निंग वॉक और योग; सबा ने पीएम को सुरंग में बिताए गए समय का वर्णन किया।

2023 के राजस्थान चुनाव: भाजपा ने इन सीटों पर हिंदुत्व का खेल खेला! मतदान में भी वृद्धि, जानिए सियासी संकेत क्या हैं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

भारतीय यूजर्स तक पहुंच रहे ऑफशोर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स, FATF ने उठाए नियामक खामियों पर सवाल

नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2026 दुनिया भर में वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) क्षेत्र तेजी से फैल रहा है और इसे सबसे इनोवेटिव क्षेत्रों में गिना जा रहा है। लेकिन इस विस्तार के साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं, जैसे...