विधि एवं न्याय मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले विधिक कार्य विभाग ने आज भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से शास्त्री भवन, नई दिल्ली में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया। 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर से पूर्व इस पहल का उद्देश्य नागरिकों में रक्तदान को सामुदायिक ज़िम्मेदारी के रूप में स्थापित करना था।
इस कार्यक्रम में विभाग की प्रमुख, डॉ. अंजू राठी राणा ने भाग लेते हुए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान को अपना दायित्व समझें। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, महिला कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान में हिस्सा लिया।
यह शिविर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस वर्ष निर्धारित थीम “रक्त दें, आशा दें: साथ मिलकर जीवन बचाएँ” का सजीव उदाहरण था। स्वैच्छिक रक्तदान से न केवल आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होती है, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली भी मजबूत बनती है।
औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए, इस पहल ने राष्ट्रीय रक्त भंडार में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही यह संदेश भी गया कि सरकारी कार्यालय केवल नीतियाँ बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाने को तत्पर रहते हैं।