3,000 से अधिक प्रतिभागियों ने की सहभागिता, One Health दृष्टिकोण में आयुर्वेद की भूमिका पर हुआ जोर
AIMIL Animal Health, जो AIMIL Pharmaceuticals (India) Ltd की पशु चिकित्सा इकाई है, ने विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय वर्चुअल e-CVE (Continuing Veterinary Education) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस डिजिटल मंच पर देश-विदेश से 3,000 से अधिक पशु चिकित्सा छात्र, डॉक्टर, शोधकर्ता, पैरावेट्स और अन्य पेशेवर जुड़े। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु स्वास्थ्य सेवाओं में समग्र (होलिस्टिक) और आयुर्वेद आधारित उपचार पद्धतियों के महत्व को रेखांकित करना था।
डॉ. सुजीत दत्ता ने किया उद्घाटन, AIMIL की पहल की सराहना
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय पशुधन मिशन के जॉइंट कमिश्नर डॉ. सुजीत कुमार दत्ता ने किया। उन्होंने समग्र पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और AIMIL की आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आधारित सेवाओं की सराहना की। डॉ. दत्ता के अनुसार, “इस तरह के प्रयास पशु चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और स्थायित्व को बढ़ावा देते हैं, खासकर युवाओं के लिए।”
विशेषज्ञों ने रखे विचार, पालतू और पशुधन दोनों के लिए आयुर्वेदिक समाधान की चर्चा
कार्यक्रम में अनेक विशेषज्ञों ने विविध विषयों पर प्रस्तुतियाँ दीं:
- डॉ. नारायण दत्ता (IVRI) – पोषण और उत्पादकता के बीच संबंध
- श्री वेणकट गोल्लापुड़ी (AIMIL) – कंपनी की पशु चिकित्सा अनुसंधान परियोजनाओं की जानकारी
- डॉ. एन.के. महाजन – मुर्गी पालन में जिगर और गुर्दे की समस्याएं
- डॉ. विकास (CGS हॉस्पिटल, गुरुग्राम) – कुत्तों की आयुर्वेदिक देखभाल
- डॉ. डैनियल सिरबू (UAE) – विदेशी प्रजातियों की समग्र देखभाल
- डॉ. के. राज कुमार (RIVER, पांडिचेरी) – साथी जानवरों की देखभाल में नवीनता
- डॉ. उज्जवल कृष्ण दे (IVRI) – मवेशियों में मास्टाइटिस का प्रबंधन
- डॉ. जय कृष्ण दास (OUAT, उड़ीसा) – पशुधन प्रजनन स्वास्थ्य पर विचार
डॉ. इक्षित शर्मा ने आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर डाला प्रकाश
AIMIL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. इक्षित शर्मा ने One Health अवधारणा के तहत आयुर्वेदिक पशु चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि फाइटोबायोटिक्स जैसे पौधों से बने उत्पाद एंटीबायोटिक्स का बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं, जिससे पशु स्वास्थ्य में सुधार संभव है।
शैक्षिक गतिविधियों में छात्रों की भारी भागीदारी, उत्कृष्ट प्रविष्टियों को मिला सम्मान
इस आयोजन में 3,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 55% पशु चिकित्सा छात्र थे। देश के 47 पशु चिकित्सा कॉलेजों से छात्रों ने भाग लिया। गतिविधियों में शामिल रहीं:
- राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता – 579 प्रविष्टियाँ
- पोस्टर प्रेजेंटेशन – 200 प्रस्तुतियाँ
- थीसिस प्रस्तुतियाँ – 51
- क्लिनिकल केस स्टडी – 89 प्रविष्टियाँ
चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार और सभी को सराहना किट प्रदान की गई।
AIMIL के निदेशक के.के. शर्मा ने विजेताओं को दी बधाई, कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ
AIMIL के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री के.के. शर्मा ने प्रतिभागियों और विजेताओं की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल कुमार शर्मा और डॉ. टी.एस. ईस्वरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजन हांडा (जनरल मैनेजर, AIMIL Animal Health) द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने पशु स्वास्थ्य को एक साझा जिम्मेदारी बताते हुए सहयोग और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।
AIMIL की शोध-आधारित हर्बल उत्पाद श्रृंखला में होगा और विस्तार
AIMIL Animal Health अपने हर्बल पशु चिकित्सा उत्पादों के लिए जाना जाता है, जो मुर्गी पालन, पशुधन और पालतू जानवरों की देखभाल में प्रयुक्त होते हैं। हाल ही में कंपनी को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान से पशु आहार अनुपूरक की तकनीक प्राप्त हुई है, जिससे उत्पादों की रेंज में और विस्तार होगा—जिसमें पशुधन पोषण, मुर्गी फीड सप्लीमेंट, पालतू पशु आहार और जलजीव पालन से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।