देश में मौसम और विमानन से जुड़ी आपात स्थितियों के बीच वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के कानानास्किस क्षेत्र पहुंचे हैं, जहां वे G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह उनकी दस वर्षों में पहली कनाडा यात्रा है और लगातार छठी बार वे इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस बार सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे, जिनका उद्देश्य भारत के वैश्विक संबंधों को और मजबूत करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हालिया तनाव के बाद रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें हो रही हैं। दोनों देशों ने हाल ही में कूटनीतिक बातचीत और बैकचैनल माध्यमों से रिश्तों में सुधार की पहल की है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा साइप्रस की आधिकारिक यात्रा के बाद हो रहा है, और इसके तुरंत बाद आतंकवाद रोधी कदमों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों का जिक्र होगा, जिसे POK और आसपास के क्षेत्रों में आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए अंजाम दिया जा रहा है, खासकर घातक पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि में।
देश में मौसम और विमानन संकट:
वहीं भारत में मानसूनी बारिश के चलते केरल के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस बीच अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना ने विमानन क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इस दुर्लभ दोहरी इंजन फेलियर की घटना ने एयर सेफ्टी रेगुलेटर्स को सतर्क कर दिया है और बोइंग के शेयरों में वैश्विक गिरावट देखी जा रही है।
भारत की वैश्विक भूमिका में वृद्धि:
G7 में भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि कैसे भारत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, घरेलू राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन के बीच वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यह उपस्थिति नई दिल्ली की आवाज को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रभावशाली बना रही है।