जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पहली बार एक संसदीय समिति घटनास्थल का दौरा करने जा रही है। समिति के 28 जून को रवाना होने की संभावना है, हालांकि तारीख पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। यह दौरा मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रस्तावित है, जिसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करेगी।
इस दौरे में कार्मिक, लोक शिकायत एवं कानून और न्याय मंत्रालय से संबंधित संसद सदस्यों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम के अनुसार, समिति के सदस्य दिल्ली से जम्मू के लिए वायुयान से प्रस्थान करेंगे। जम्मू पहुँचने पर वे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके उपरांत वे कटरा जाकर मां वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद वे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से श्रीनगर के लिए रवाना होंगे।
श्रीनगर में भी समिति के सदस्य सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करेंगे और फिर वहां से पहलगाम के लिए प्रस्थान करेंगे। समिति बैसरन घाटी पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमला कर 26 पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। रिपोर्टों के अनुसार, आतंकियों ने पीड़ितों की धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें गोली मारी थी। इनमें कई नवविवाहित जोड़े भी शामिल थे, जो कश्मीर में अपना हनीमून मनाने आए थे। कुछ मामलों में पत्नियों के सामने ही उनके पतियों की हत्या कर दी गई थी।
इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और अधिक गहरा गया।