युवा एडविक बंसल की मुहिम से जुड़े जयप्रकाश अग्रवाल, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए समान अवसर का किया समर्थन

युवा एडविक बंसल की मुहिम से जुड़े जयप्रकाश अग्रवाल, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए समान अवसर का किया समर्थन

पांच बार सांसद रह चुके जयप्रकाश अग्रवाल ने EconReads की 5,400 से अधिक हस्ताक्षर वाली याचिका का किया समर्थन

नई दिल्ली: एक किशोर द्वारा शुरू की गई दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सुलभ शिक्षा और वित्तीय साक्षरता की मुहिम को अब वरिष्ठ राजनेता जयप्रकाश अग्रवाल का समर्थन मिला है।

पांच बार सांसद रह चुके जयप्रकाश अग्रवाल ने EconReads के संस्थापक एडविक बंसल से मुलाकात की। दोनों ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा, financial literacy और समान अवसरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

अग्रवाल ने EconReads की accessibility petition का समर्थन किया। इस याचिका का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा व्यवस्था में बेहतर accessibility और जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करना है। याचिका पर अब तक 5,400 से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके हैं।

अग्रवाल ने EconReads के fundraising campaign में भी सहयोग का भरोसा दिया। यह अभियान दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के स्कूलों को educational equipment और accessible learning resources उपलब्ध कराने के लिए चलाया जा रहा है।

सामाजिक कार्य के लिए एडविक को सम्मान

जयप्रकाश अग्रवाल ने इस अवसर पर एडविक बंसल को यूथ गांधी अवॉर्ड फॉर सर्विस प्रदान किया। उन्हें यह सम्मान दृष्टिबाधित लोगों के लिए शिक्षा और financial awareness को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए मिला।

अग्रवाल ने grassroots campaigns के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शुरू होने वाली मुहिम भविष्य में बड़े institutional और policy changes का आधार बन सकती है।

छह देशों के 87 स्वयंसेवक EconReads से जुड़े

एडविक बंसल ने EconReads के जरिए अर्थशास्त्र और वित्तीय शिक्षा को दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए अधिक accessible बनाने की कोशिश की है। इसके curriculum में 26 modules के तहत 263 lessons हैं।

यह programme एशिया के 9 schools for blind students में लागू हो चुका है। इसके अलावा छह देशों के 87 volunteers EconReads से जुड़े हैं।

भारत में initiative अपने partner schools के लिए जरूरी educational equipment जुटाने के लिए fundraising कर रहा है।

बंसल ने accessibility को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय समान अवसर का विषय बताया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सीखने, समाज में भाग लेने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है।

EconReads अब भारत में अपनी policy advocacy और fundraising efforts को आगे बढ़ाने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर accessible education programme का विस्तार कर रहा है।

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