वैश्विक शांति के लिए भारत की भूमिका अहम: डॉ. के. ए. पॉल ने राष्ट्रीय एकता की अपील की

वैश्विक शांति के लिए भारत की भूमिका अहम: डॉ. के. ए. पॉल ने राष्ट्रीय एकता की अपील की

चेन्नई में प्रस्तावित वैश्विक शांति रैली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को किया आमंत्रित

नई दिल्ली: दुनिया में इस समय चल रहे 58 बड़े संघर्षों का उल्लेख करते हुए, ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के अध्यक्ष एवं मानवतावादी नेता डॉ. के. ए. पॉल ने भारत से वैश्विक शांति निर्माण में सक्रिय और निर्णायक नेतृत्व निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और भारत–अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। यह बातें उन्होंने नई दिल्ली के आंध्र भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहीं।

अमेरिकी सांसदों को संबोधित करने के अपने हालिया अनुभव का ज़िक्र करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि अमेरिका में रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और स्वतंत्र नेता शांति पहलों पर साथ काम करने को तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह संभव है, तो भारत में बड़े वैश्विक हित में ऐसी एकता क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने दोहराया कि ऐतिहासिक रूप से गुटनिरपेक्ष रहा भारत, जिसकी कूटनीतिक पहुंच मध्य पूर्व से लेकर कोरियाई प्रायद्वीप तक है, वैश्विक शांति का नेतृत्व करने की विशिष्ट स्थिति में है।

155 से अधिक देशों की यात्राओं और 2,200 शांति रैलियों व सम्मेलनों के अपने अनुभव का हवाला देते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि दुनिया नैतिक और कूटनीतिक नेतृत्व के लिए भारत की ओर देख रही है। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए कहा कि आस्था और देश के प्रति प्रेम को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखना होगा। उनके अनुसार, रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को मज़बूत करती है, न कि उसे विभाजित करती है।

डॉ. पॉल ने 22 फरवरी को चेन्नई में प्रस्तावित वैश्विक शांति और प्रार्थना रैली की घोषणा की, जिसे उन्होंने भारत और दुनिया भर के लोगों को जोड़ने वाला एक समावेशी मंच बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा, कांग्रेस सहित 18 अन्य राजनीतिक दलों के सांसदों ने इस पहल के समर्थन की सहमति जताई है।

एक अहम राजनीतिक पहल के तहत डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सह–मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय और वैश्विक शांति के मुद्दों पर द्विदलीय नेतृत्व की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

इस दौरान डॉ. पॉल ने अवैध सट्टेबाज़ी और गेमिंग ऐप्स से जुड़े मामलों में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में हुई हालिया प्रगति का भी स्वागत किया। उन्होंने युवाओं की सुरक्षा के लिए दायर याचिकाओं पर कार्रवाई के लिए भारत सरकार, सॉलिसिटर जनरल और मुख्य न्यायाधीश का आभार जताया। साथ ही, उन्होंने ऐसे प्लेटफॉर्म का प्रचार करने वाली हस्तियों से अपील की कि वे अपनी कमाई स्वेच्छा से अदालत द्वारा निर्धारित खातों में जमा करें, ताकि प्रभावित परिवारों को सहायता मिल सके।

आर्थिक विकास के मुद्दे पर डॉ. पॉल ने विशेष रूप से तेलुगु राज्यों और तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए समन्वित प्रयासों की ज़रूरत बताई। उन्होंने कहा कि यदि भारत एकजुट और विश्वसनीय नेतृत्व प्रस्तुत करता है, तो वैश्विक पूंजी की कोई कमी नहीं है।

अपने संबोधन के अंत में डॉ. पॉल ने नागरिकों, राजनीतिक नेतृत्व और वैश्विक भारतीय समुदाय से 22 फरवरी को “चलो चेन्नई” अभियान से जुड़ने की अपील की और इसे भारत को शांति, नैतिक नेतृत्व और समावेशी विकास का वैश्विक प्रतीक बनाने की दिशा में एक सामूहिक कदम बताया।

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