माइक पांडे और शिवानी वाजिर पसरीच की मौजूदगी में मिलाप पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित युवा लेखिका सैशा पासी की किताब ‘द लोनली राइनो’ लॉन्च

माइक पांडे और शिवानी वाजिर पसरीच की मौजूदगी में मिलाप पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित युवा लेखिका सैशा पासी की किताब ‘द लोनली राइनो’ लॉन्च

कहानी के जरिए संरक्षण का संदेश, युवाओं की भूमिका पर जोर

नई दिल्ली, 18 मार्च 2026

राजधानी में बुधवार को पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अलग पहल देखने को मिली, जब मशहूर वन्यजीव फिल्मकार माइक पांडे और एजुकेशनिस्ट शिवानी वाजिर पसरीच ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित द स्टडी स्कूल में युवा लेखिका सैशा पासी की किताब ‘द लोनली राइनो’ लॉन्च की। कार्यक्रम में शिक्षा, संरक्षण और प्रकाशन जगत से जुड़े लोगों ने भाग लिया और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की भूमिका को अहम बताया।

कक्षा 11 में पढ़ने वाली सैशा पासी की यह किताब एक छोटे राइनो ‘रवि’ की कहानी है, जो अकेलेपन, पहचान और अपनापन जैसे भावों से गुजरता है। इसके साथ ही यह कहानी एक अहम संदेश देती है—वन्यजीवों को बचाना आज की जरूरत है। सैशा पिछले तीन वर्षों से भारतीय राइनो के संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने में सक्रिय हैं और अब अपनी लेखनी के जरिए इस मुद्दे को आगे बढ़ा रही हैं।

इस पुस्तक को मिलाप पब्लिकेशंस ने अपने ‘लीग ऑफ एक्स्ट्राऑर्डिनरी यंग राइटर्स (LXY)’ कार्यक्रम के तहत प्रकाशित किया है, जो सामाजिक मुद्दों पर लिखने वाले युवा लेखकों को मार्गदर्शन और मंच प्रदान करता है।

माइक पांडे ने इस मौके पर कहा कि संरक्षण केवल नियमों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता से आता है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव पैदा किया जाए, तो भविष्य में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और बढ़ते मानवीय दबाव को लेकर चिंता जताई और कहा कि इंसान को प्रकृति के साथ अपने रिश्ते को समझना होगा।

द स्टडी स्कूल की निदेशक शिवानी वाजिर पसरीच ने कहा कि उनका संस्थान बच्चों को प्रकृति के करीब लाकर जिम्मेदार नागरिक बनाने पर जोर देता है। उन्होंने सैशा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का काम प्रेरणादायक है और यह उन्हें एक सच्चा ‘अर्थ वॉरियर’ बनाता है।

मिलाप पब्लिकेशंस के मैनेजिंग एडिटर योगी सूरी ने कहा कि LXY कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे संवेदनशील युवा लेखकों को आगे लाना है, जो अपनी कहानियों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

सैशा पासी लेखन के साथ-साथ ‘सेव द इंडियन राइनो’ पहल के तहत वर्कशॉप्स आयोजित करती हैं और वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ-साथ सहयोग भी जुटाती हैं।

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों, छात्रों और अन्य अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और इसमें युवाओं की भागीदारी बेहद अहम है।

मिलाप पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित ‘द लोनली राइनो’ बच्चों के लिए लिखी गई एक ऐसी कहानी है, जो संवेदनशीलता, आत्म-स्वीकार और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती है।

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