डॉ. भार्गव मल्लप्पा को अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमंडल संस्था से मानवता और शांति के लिए मिला सेवा सम्मान

डॉ. भार्गव मल्लप्पा को अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमंडल संस्था से मानवता और शांति के लिए मिला सेवा सम्मान

अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. मल्लप्पा के जनसेवा कार्यों को मिली पहचान

26 जुलाई 2025

पीपुल फोरम ऑफ इंडिया (NBSS), भारत सरकार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भार्गव मल्लप्पा को मानवता और शांति के लिए उनके स्वैच्छिक योगदान हेतु गवर्नमेंट इंटरनेशनल यूनाइटेड किंगडम एसोसिएशन कॉमनवेल्थ (GIUKAC) द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है।

यह प्रमाण पत्र राष्ट्रमंडल संस्था के युवा मामले एवं खेल मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित है, जिसमें डॉ. मल्लप्पा के जनकल्याण में निरंतर योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई है। पत्र में उनके सामुदायिक जुड़ाव, सामाजिक समानता कार्यक्रमों और मानवीय प्रयासों में दीर्घकालिक भूमिका की सराहना की गई है।

डॉ. मल्लप्पा लंबे समय से हाशिए पर खड़े समुदायों को सशक्त बनाने, शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और नागरिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करने के विभिन्न अभियानों से जुड़े रहे हैं। पीपुल फोरम ऑफ इंडिया के माध्यम से उनका कार्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता, युवाओं की भागीदारी और सुशासन को लेकर जन-जागरूकता शामिल है।

डॉ. भार्गव मल्लप्पा को अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रमंडल संस्था से मानवता और शांति के लिए मिला सेवा सम्मान

यह सम्मान एक ऐसी राष्ट्रमंडल-संबद्ध संस्था से आया है जो सदस्य देशों में जन-नेतृत्व विकास, अंतरसांस्कृतिक सहयोग और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है। GIUKAC ने इस प्रशंसा को उन व्यक्तियों की पहचान के एक प्रयास के रूप में बताया है, जो सीमाओं से परे सामाजिक उत्तरदायित्व और शांति निर्माण में सार्थक भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब डॉ. मल्लप्पा को उनके सामाजिक कार्यों के लिए सराहा गया हो, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता उनके सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गई है, जो उन्हें एक वैश्विक दृष्टिकोण वाले जननेता के रूप में स्थापित करती है।

सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मल्लप्पा ने कहा कि यह पुरस्कार हमें एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी समुदायों और स्वयंसेवकों का भी है, जिन्होंने वर्षों से जन-जागरूकता अभियानों और सामाजिक पहलों में सहयोग दिया है।

More From Author

कारगिल विजय दिवस 2025: 26 वर्षों बाद भी गूंजता शौर्य और बलिदान का जयघोष

बीकानेर हाउस में आयोजित साप्ताहिक तीजोत्सव में निकाली गई तीज माता की सवारी

बीकानेर हाउस में आयोजित साप्ताहिक तीजोत्सव में निकाली गई तीज माता की सवारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्रिप्टो

क्रिप्टो अब केंद्र में: एशिया-ओशिनिया की नई लाइसेंसिंग और गवर्नेंस नीति

सख्त लेकिन खुले नियम: सिंगापुर और खाड़ी देश नवाचार के लिए अवसर देते हुए गवर्नेंस और पूंजी मानक मजबूत कर रहे हैं नई दिल्ली: क्रिप्टो पर एशिया और ओशिनिया की चर्चा अब नए मोड़ पर है। नीति-निर्माता यह तय करने...