उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को दी प्राथमिकता, स्क्रीनिंग केंद्रों से लेकर अत्याधुनिक अस्पताल तक किए विशेष इंतजाम, यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती
चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं और इस बार उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर प्रबंध किए हैं। खासतौर पर 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है। इसके लिए यात्रा मार्ग पर कई स्क्रीनिंग यूनिट स्थापित की गई हैं, जहां प्रारंभिक जांच और स्वास्थ्य परामर्श दिया जाएगा।
इन स्क्रीनिंग केंद्रों पर बहुभाषी स्टाफ नियुक्त किया जाएगा ताकि देशभर से आने वाले यात्रियों को किसी तरह की संवाद समस्या न हो। ये स्टाफ प्राथमिक चिकित्सा जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की चिकित्सा सलाह भी देगा।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी अस्थायी व स्थायी चिकित्सा इकाइयों को दवाइयों, आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ से पूरी तरह सुसज्जित रखने के निर्देश दिए गए।
सरकार यात्रियों के लिए 13 भाषाओं में स्वास्थ्य सुझाव जारी कर रही है, जिन्हें होटल, ढाबा, पार्किंग स्थलों पर क्यूआर कोड के माध्यम से स्कैन कर पढ़ा जा सकेगा। इसके अलावा प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग के माध्यम से भी स्वास्थ्य जागरूकता फैलाई जाएगी।
केदारनाथ में 17 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल लगभग तैयार
बैठक में बताया गया कि केदारनाथ में 17 बिस्तरों वाला नया अस्पताल बनकर तैयार हो रहा है, जिसके दो फ्लोर यात्रा आरंभ होने से पहले चालू हो जाएंगे। इसमें एक्स-रे, ईसीजी, मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर, ब्लड टेस्टिंग और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
इसके साथ ही फाटा और केदारनाथ के पैदल मार्ग पर स्थित चिकित्सा इकाइयों को भी अपग्रेड किया गया है।
चमोली जिले में 20 चिकित्सा इकाइयों और स्क्रीनिंग सेंटर की तैयारी
चमोली जिले में 30 अप्रैल तक 20 चिकित्सा इकाइयों को तैयार कर लिया जाएगा। इन केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, उपकरण और स्टाफ पहले से ही तैनात कर दिए गए हैं। गौचर बैरियर, पांडुकेश्वर बाजार, कर्णप्रयाग ट्रॉमा सेंटर, पांडुवाखाला और बदरीनाथ धाम जैसे प्रमुख स्थलों पर स्क्रीनिंग सेंटर भी संचालित किए जाएंगे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की रोटेशनल तैनाती और मजबूत स्वास्थ्य नेटवर्क
यात्रा के दौरान सभी जिलों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को 15-15 दिन के रोटेशन पर भेजा जाएगा। इसमें हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, जनरल सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त 121 नर्सें, 26 फार्मासिस्ट, 309 ऑक्सीजन बेड, 6 आईसीयू बेड, 13 विभागीय एंबुलेंस, 108 सेवा की 17 एंबुलेंस, एक ब्लड बैंक और दो ब्लड स्टोरेज यूनिट भी यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाएंगे।
इन सभी व्यवस्थाओं से स्पष्ट है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा न केवल आध्यात्मिक अनुभव होगी, बल्कि श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता में रहेगी।
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