26 साल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार अनुभव के साथ एनएसईएफआई से जुड़ीं इंद्रायणी मुले

26 साल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार अनुभव के साथ एनएसईएफआई से जुड़ीं इंद्रायणी मुले

इंद्रायणी मुले 26 वर्षों से अधिक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार अनुभव के साथ एनएसईएफआई से जुड़ीं। उनकी भूमिका भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा निर्यात बढ़ाने में अहम होगी

नई दिल्ली: सस्टेनेबल एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री (एनएसईएफआई) ने इंद्रायणी मुले को व्यापार एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों का सलाहकार नियुक्त किया है। वह भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग के निर्यात अवसरों को बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग विकसित करने और वैश्विक बाजारों में भारतीय उद्योग की मौजूदगी मजबूत करने के प्रयासों में योगदान देंगी।

मुले के पास अंतरराष्ट्रीय व्यापार और उद्योग जगत के साथ संबंध विकसित करने का 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। वह सीआईआई इंडिया-अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव के साथ-साथ अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित व्यापारिक सम्मेलनों से जुड़ी रहीं।

उनके काम में भारतीय उद्योग प्रतिनिधियों, अफ्रीकी सरकारों, वाणिज्य मंडलों और कारोबारी संगठनों के बीच संवाद स्थापित करना शामिल रहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आसियान देशों और प्रशांत द्वीप समूह के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े कार्यों में भी अनुभव हासिल किया।

कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी मुले की भूमिका रही है। वर्ष 2012 से 2019 तक उन्होंने विदेश मंत्रालय के सहयोग से सीआईआई के औद्योगिक सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया। इसके तहत अफ्रीकी देशों के वाणिज्य मंडलों और निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने भारत में पढ़ने वाले अफ्रीकी विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, पेशेवर विकास कार्यशालाओं और उद्योगों के साथ काम करने के अवसर उपलब्ध कराने में भी व्यक्तिगत स्तर पर पहल की।

एनएसईएफआई में मुले की जिम्मेदारियों में भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए निर्यात के नए अवसर तलाशना, विदेशी कंपनियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी विकसित करना और उभरते बाजारों में संस्थागत संबंध मजबूत करना शामिल होगा। वह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ नीतिगत संवाद, तकनीकी क्षमता निर्माण और कौशल विकास से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाएंगी।

एनएसईएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और परियोजना विकास में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत के अनुभव का लाभ दूसरे देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और उद्योग जगत के साथ सहयोग में मुले का अनुभव एनएसईएफआई की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करेगा और भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में योगदान देगा।

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