इजरायलियों से 27 अक्टूबर को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की; शांति वार्ता और राजनीतिक जवाबदेही पर दिया जोर
वॉशिंगटन डीसी: डॉ. के. ए. पॉल ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ईरान संबंधी नीतियों पर सवाल उठाते हुए इजरायलियों से शांति और राजनीतिक जवाबदेही के लिए एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से 27 अक्टूबर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी राय व्यक्त करने और देश के भविष्य पर विचार करने का आग्रह किया।
ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. पॉल का आरोप है कि ईरान को लेकर नेतन्याहू की नीतियों और सैन्य कार्रवाई के समर्थन ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इजरायल की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए ऐसा नेतृत्व जरूरी है जो सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान तलाशे।
डॉ. पॉल ने कहा कि देश से प्रेम करने वाले नागरिकों को अपने नेतृत्व से सवाल करने का अधिकार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुसार, इजरायलियों को यह आकलन करना चाहिए कि मौजूदा नीतियां उन्हें स्थायी शांति के करीब ले जा रही हैं या संघर्ष का खतरा बढ़ा रही हैं।
उन्होंने ईरान युद्ध के आर्थिक और मानवीय प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। डॉ. पॉल ने कहा कि संघर्ष का असर ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों, आर्थिक स्थिरता और कमजोर समुदायों पर पड़ सकता है। उन्होंने कुछ देशों में किराने के सामान की कीमतें दोगुनी या कई गुना बढ़ने का दावा किया, लेकिन इसके समर्थन में देशवार आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।
डॉ. पॉल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति की समीक्षा करने और सैन्य अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सैन्य हमलों से सत्ता परिवर्तन की कोशिश किसी देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को और जटिल बना सकती है।
उन्होंने ईरान में अपने चार दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी देश के समाज और राजनीतिक व्यवस्था को समझना जरूरी है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या पर भी सवाल उठाए और चेतावनी दी कि राजनीतिक या धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने से तनाव बढ़ सकता है तथा बातचीत कठिन हो सकती है।
डॉ. पॉल ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन के शांति प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से युद्ध संबंधी निर्णयों, सलाहकारों की भूमिका और संभावित हितों के टकराव की पारदर्शी समीक्षा करने की मांग भी की।
उन्होंने बताया कि 15 मार्च को उन्होंने ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने संबंधित पक्षों से प्रस्ताव की समीक्षा करने और उसके संभावित लाभों पर विचार करने का आग्रह किया।
डॉ. पॉल ने अमेरिका, इजरायल और ईरान से बातचीत शुरू करने की अपील की। उनके मुताबिक, कूटनीतिक प्रयासों में नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और सभी पक्षों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना इजरायली सरकार की नीतियों और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ी है, न कि यहूदी समुदाय के खिलाफ। उन्होंने कहा कि इजरायलियों, फिलिस्तीनियों, ईरानियों और अन्य नागरिकों को युद्ध के भय से मुक्त भविष्य मिलना चाहिए।
डॉ. पॉल ने 25 अक्टूबर 2026 को डलास के प्रिस्मो कोलिनास में आयोजित होने वाली ग्लोबल पीस एंड प्रेयर मीटिंग में मीडिया और विश्व नेताओं को भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इतिहास नेताओं को उन शांति अवसरों के लिए भी याद रखेगा, जिन्हें उन्होंने अपनाया या ठुकराया।