भुवनेश्वर कुमार करीब चार साल बाद भारत की टी20 टीम में लौटे हैं। जानें आईपीएल प्रदर्शन, बुमराह की गैरमौजूदगी और चयन समिति में बदलाव के बीच कैसे हुई उनकी वापसी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई है। बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है, जिसमें भुवनेश्वर को जगह मिली है। सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा।
भुवनेश्वर ने आखिरी बार नवंबर 2022 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। करीब चार साल बाद उनकी टीम में वापसी हुई है। उनकी वापसी के पीछे हालिया आईपीएल प्रदर्शन, जसप्रीत बुमराह की सीरीज से गैरमौजूदगी और चयन व्यवस्था में आए बदलाव को अहम वजह माना जा रहा है।
अब भुवनेश्वर के सामने फिर से भारतीय जर्सी पहनकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अगला अध्याय शुरू करने का मौका है।
नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था आखिरी मैच
भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 22 नवंबर 2022 को नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेला था।
बारिश से प्रभावित यह मुकाबला टाई पर खत्म हुआ था। उस समय किसी ने शायद नहीं सोचा होगा कि यह मैच भारत के लिए भुवनेश्वर की अगली अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति से पहले करीब चार साल का अंतर पैदा कर देगा।
अब वापसी के बाद भुवनेश्वर एक बार फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ ही मैदान पर उतर सकते हैं। हालांकि उनकी वापसी का सबसे बड़ा आधार हालिया प्रदर्शन है।
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन ने खोला टीम इंडिया का रास्ता
भुवनेश्वर ने अंतरराष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के दौरान प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना जारी रखा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से अपनी ओर खींचा।
उन्होंने पिछले दो आईपीएल सीजन में कुल 45 विकेट लिए। 2025 में भुवनेश्वर ने 17 विकेट लिए, जबकि 2026 में उन्होंने 28 विकेट अपने नाम किए।
2026 आईपीएल में वह 29 विकेट लेने वाले कगिसो रबाडा के बाद दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।
इस दौरान भुवनेश्वर ने करीब 17.89 की गेंदबाजी औसत और लगभग 7.95 की इकॉनमी रेट के साथ प्रदर्शन किया।
उनके प्रदर्शन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ लगातार दो आईपीएल खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई।
चयन समिति में बदलाव के बीच हुई वापसी
भुवनेश्वर की वापसी ऐसे समय हुई है जब भारतीय क्रिकेट की चयन व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है।
अजीत अगरकर का चयन समिति अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल अक्टूबर की शुरुआत में खत्म हुआ और उन्होंने आगे कार्यकाल बढ़ाने की मांग नहीं की। इसके बाद प्रज्ञान ओझा ने अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 टीम के चयन की बैठक की अध्यक्षता की।
यह अगरकर के जाने के बाद नई चयन व्यवस्था के तहत घोषित होने वाली पहली टीम थी।
भुवनेश्वर लंबे समय तक शानदार घरेलू और आईपीएल प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम से बाहर रहे। अब नई चयन समिति ने उनके अनुभव और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टीम में वापस शामिल किया है।
आरपी सिंह पहले भी कर चुके थे भुवनेश्वर की पैरवी
भुवनेश्वर की वापसी अचानक हुई घटना नहीं है। स्रोत के मुताबिक, सेंट्रल जोन के चयनकर्ता रुद्र प्रताप सिंह यानी आरपी सिंह ने अगरकर के कार्यकाल के दौरान भी भुवनेश्वर को टीम में शामिल करने की पैरवी की थी।
आरपी सिंह और भुवनेश्वर का उत्तर प्रदेश क्रिकेट से भी जुड़ाव रहा है।
हालांकि, उस समय चयन समिति में उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगरकर युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देने के पक्ष में थे और अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर उनका रुख अलग था।
अगरकर के जाने के बाद चयन समिति ने अनुभव को लेकर अधिक खुलापन दिखाया और भुवनेश्वर को एक बार फिर भारतीय टीम में जगह मिल गई।
बुमराह की गैरमौजूदगी ने भी बनाया मौका
भुवनेश्वर की वापसी के समय कई चीजें उनके पक्ष में गईं। सबसे पहले उनका आईपीएल प्रदर्शन रहा, जिसने उन्हें चयन के लिए मजबूत दावेदार बनाया।
इसके अलावा जसप्रीत बुमराह को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए आराम दिया गया है। इससे भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में एक जगह बनी।
हालांकि, भुवनेश्वर को सीधे बुमराह का विकल्प मानना सही नहीं होगा। उनकी वापसी मुख्य रूप से उनके प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर हुई है।
करीब चार साल तक भारतीय टीम से बाहर रहने के बाद इस बार उनका प्रदर्शन, टीम में बनी जगह और चयन समिति में बदलाव एक साथ उनके पक्ष में आए।
T20I में भुवनेश्वर का रिकॉर्ड
भुवनेश्वर कुमार भारत के लिए लंबे समय तक टी20 क्रिकेट में अहम गेंदबाज रहे हैं। उनके नाम 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 90 विकेट हैं।
| आंकड़ा | भुवनेश्वर कुमार |
|---|---|
| टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच | 87 |
| विकेट | 90 |
| गेंदबाजी औसत | 23.10 |
| इकॉनमी रेट | 6.96 |
उनकी 6.96 की इकॉनमी रेट बताती है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में रन रोकने के साथ विकेट लेने की जिम्मेदारी भी निभाई है।
अब उनके अनुभव का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज में किया जा सकता है।
टीम से बाहर रहने के दौरान घरेलू क्रिकेट खेलते रहे
भारतीय टीम से बाहर रहने के बावजूद भुवनेश्वर ने क्रिकेट नहीं छोड़ा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखा और लगातार अपना दावा मजबूत किया।
2023-24 रणजी ट्रॉफी सीजन में बंगाल के खिलाफ उनका प्रदर्शन खास रहा था। उन्होंने उस मुकाबले में 41 रन देकर 8 विकेट लिए थे।
भुवनेश्वर ने अपने लंबे घरेलू करियर में 200 से ज्यादा रणजी ट्रॉफी विकेट भी लिए हैं। हालांकि, अलग-अलग आंकड़ों में कुल संख्या के लिए कटऑफ के आधार पर अंतर देखने को मिलता है।
उनका लगातार घरेलू क्रिकेट खेलना और आईपीएल में प्रदर्शन ही वह आधार रहा, जिसने उन्हें दोबारा भारतीय टीम तक पहुंचाया।
टीम में जगह पक्की नहीं, तेज गेंदबाजों से मिलेगी चुनौती
टी20 टीम में वापसी के बावजूद भुवनेश्वर कुमार की प्लेइंग इलेवन में जगह अभी तय नहीं है।
अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे तेज गेंदबाज भी टीम में मौजूद हैं। ऐसे में परिस्थितियों, गेंदबाजी संयोजन और विपक्षी टीम के आधार पर चयनकर्ताओं के पास कई विकल्प होंगे।
भुवनेश्वर के पास अनुभव जरूर है, लेकिन उन्हें मैदान पर अपने प्रदर्शन के जरिए टीम में अपनी जगह मजबूत करनी होगी।
क्या 2027 टी20 विश्व कप तक बढ़ेगा सफर?
फिलहाल भुवनेश्वर की वापसी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज तक ही आधिकारिक रूप से तय है।
उनकी वापसी के बाद 2027 टी20 विश्व कप को लेकर चर्चाएं शुरू हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक योजना सामने नहीं आई है। बीसीसीआई या चयनकर्ताओं ने यह नहीं कहा है कि भुवनेश्वर का चयन विश्व कप की तैयारी का हिस्सा है।
इसलिए फिलहाल उनका ध्यान न्यूजीलैंड सीरीज पर रहेगा। इस सीरीज में उनका प्रदर्शन ही आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
चार साल बाद फिर भारतीय जर्सी में दिखेंगे भुवनेश्वर
भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल तक भारतीय टीम से बाहर रहने के बावजूद क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखी। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम का बुलावा मिला है।
उनकी वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि आखिरी बार उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारत के लिए टी20 मैच खेला था। अब लगभग चार साल बाद वह उसी टीम के खिलाफ भारतीय जर्सी में वापसी कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि भुवनेश्वर इस मौके को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के एक नए अध्याय में कैसे बदलते हैं।