रूस में लैब कर्मचारी की मौत के बाद डॉ. के.ए. पॉल का बड़ा सवाल- “क्या एक और महामारी आने वाली है?”

रूस में लैब कर्मचारी की मौत के बाद डॉ. के.ए. पॉल का बड़ा सवाल- “क्या एक और महामारी आने वाली है?”

रूस में लैब कर्मचारी की मौत के बाद डॉ. के.ए. पॉल ने पूछा, “क्या एक और महामारी आने वाली है?” उन्होंने जांच, transparency और early action की मांग की

नई दिल्ली: रूस में एक एंटी-प्लेग रिसर्च लैब की कर्मचारी की मौत ने संभावित स्वास्थ्य खतरे को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। इसी बीच ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. के.ए. पॉल ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए दुनिया को COVID-19 जैसी स्थिति को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

28 वर्षीय दरिया शिपिलोवा इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थीं। 2 अक्टूबर को शेलेखोव में गंभीर निमोनिया के बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने अब तक प्लेग को उनकी मौत का कारण नहीं बताया है।

कुछ रिपोर्टों ने उनकी बीमारी को 25 सितंबर की कथित प्रयोगशाला घटना से जोड़ा है। इनमें प्लेग पैदा करने वाले बैक्टीरिया वाले टेस्ट ट्यूब से संभावित संपर्क का उल्लेख किया गया। दूसरी ओर, रूसी अधिकारियों ने लैब दुर्घटना की खबरों को खारिज किया है और कहा है कि शिपिलोवा के शरीर में उनके काम से संबंधित किसी सूक्ष्मजीव के प्रमाण नहीं मिले।

एहतियाती कदम के तौर पर करीब 200 संभावित संपर्कों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अभी तक किसी में लक्षण नहीं मिले हैं और परीक्षण भी नकारात्मक रहे हैं। रूसी अधिकारियों ने इरकुत्स्क क्षेत्र की स्थिति को स्थिर बताया है।

डॉ. पॉल ने कहा कि इन परिस्थितियों में स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने कथित 25 सितंबर की घटना और शिपिलोवा की हालत बिगड़ने के बीच सामने आए घटनाक्रम को स्पष्ट करने की मांग की।

उन्होंने COVID-19 pandemic से मिली सीख का हवाला देते हुए कहा कि किसी संभावित health threat पर कार्रवाई करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, transparency, scientific investigation और international cooperation किसी भी emerging health threat से निपटने के लिए जरूरी हैं।

डॉ. पॉल ने international community से surveillance और pandemic preparedness को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर outbreak की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय शुरुआती संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।

रूस के घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि, रूसी अधिकारी इरकुत्स्क क्षेत्र की स्वास्थ्य स्थिति को स्थिर बता रहे हैं।

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