नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता Amir Khan ने आखिरकार उस सवाल का जवाब दे दिया है, जिस पर पिछले कई वर्षों से बहस चल रही थी। क्या ‘3 Idiots’ का मशहूर किरदार Phunsukh Wangdu वास्तविक जीवन के शिक्षाविद और इनोवेटर Soman Wangchuk से प्रेरित था? इस विवाद पर अब आमिर खान ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है।
British Film Institute (BFI) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान Amir Khan ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म की शूटिंग पूरी होने तक उन्होंने, निर्देशक Rajkumar Hirani और लेखक Abhijiat Joshi ने सोनम वांगचुक का नाम तक नहीं सुना था। उनके इस बयान के बाद वर्षों से चल रही अटकलों पर नई बहस शुरू हो गई है।
आखिर क्यों दोबारा चर्चा में आया यह विवाद?
साल 2009 में रिलीज हुई ‘3 Idiots’ भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में आमिर खान ने ‘Rancho’ का किरदार निभाया था, जबकि कहानी के अंत में दर्शकों को पता चलता है कि वह प्रसिद्ध वैज्ञानिक और इनोवेटर Phunsukh Wangdu के नाम से काम कर रहा है।
फिल्म रिलीज होने के बाद कई लोगों ने दावा किया था कि यह किरदार लद्दाख के शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता Soman Wangchuk से प्रेरित है। दोनों के काम में शिक्षा सुधार, नवाचार और पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से अलग सोच जैसी कई समानताएं बताई गईं। इसके बाद यह चर्चा लगातार चलती रही कि फिल्म की प्रेरणा वास्तव में सोनम वांगचुक ही थे।
BFI के मंच से Amir Khan ने दिया स्पष्ट जवाब
लंदन में British Film Institute द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में जब Amir Khan से इस विषय पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के अपनी बात रखी।
आमिर ने कहा कि फिल्म की पूरी शूटिंग वर्ष 2008 में समाप्त हो चुकी थी और उस समय तक फिल्म की टीम ने सोनम वांगचुक का नाम भी नहीं सुना था। उनके अनुसार कहानी पूरी तरह काल्पनिक थी और किसी एक वास्तविक व्यक्ति के जीवन पर आधारित नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की कहानी लिखते समय लेखकों ने किसी विशेष व्यक्ति को आधार नहीं बनाया था। इसलिए फिल्म के किरदार को सीधे सोनम वांगचुक से जोड़ना सही नहीं होगा।
क्यों जुड़ गया था Sonam Wangchuk का नाम?
हालांकि फिल्म निर्माताओं ने शुरुआत से कभी आधिकारिक तौर पर यह दावा नहीं किया कि कहानी सोनम वांगचुक पर आधारित है, लेकिन दर्शकों ने दोनों के बीच कई समानताएं देखीं।
सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा प्रणाली में बदलाव, नवाचार और छात्रों के लिए बेहतर सीखने के मॉडल पर काम करते रहे हैं। उनकी सोच और फिल्म में दिखाए गए रैंचो के विचार कई लोगों को एक जैसे लगे।
इसी वजह से सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर यह धारणा बन गई कि फिल्म के अंतिम हिस्से में दिखाया गया फुनसुख वांगडू वास्तव में सोनम वांगचुक से प्रेरित है।
पहले भी सामने आ चुका है सोनम वांगचुक का पक्ष
दिलचस्प बात यह है कि सोनम वांगचुक भी कई बार इस मुद्दे पर अपनी राय दे चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म से उनका कोई आधिकारिक संबंध नहीं था।
उनका कहना रहा कि अगर लोगों को फिल्म देखकर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सोच मिली है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन फिल्म को उनके जीवन की कहानी कहना सही नहीं होगा।
यानी जिस विवाद पर वर्षों से चर्चा होती रही, उस पर अब दोनों पक्षों की ओर से लगभग एक जैसी बात सामने आ चुकी है।
मौजूदा मुद्दों पर भी बोले आमिर खान
BFI कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने सिर्फ फिल्म से जुड़े विवाद पर ही बात नहीं की, बल्कि सोनम वांगचुक के वर्तमान सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वे Sonam Wangchuk के काम का सम्मान करते हैं और उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं। आमिर ने माना कि शिक्षा, पर्यावरण और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर सोनम लगातार काम कर रहे हैं और समाज के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म से प्रेरणा का विवाद अलग विषय है, लेकिन इससे सोनम वांगचुक के वास्तविक काम का महत्व कम नहीं हो जाता।
क्या खत्म हो जाएगा यह विवाद?
आमिर खान के ताजा बयान के बाद माना जा रहा है कि इस विवाद पर काफी हद तक विराम लग सकता है। हालांकि सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय रखने वाले लोग आगे भी अपनी-अपनी व्याख्या करते रहेंगे।
फिल्म विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार किसी काल्पनिक किरदार में समाज के अलग-अलग लोगों की सोच या अनुभवों की झलक दिखाई देती है। इसका मतलब यह नहीं होता कि वह किरदार पूरी तरह किसी एक व्यक्ति पर आधारित हो।
आमिर खान की साफगोई की हो रही चर्चा
आमिर खान अपने विचारों को स्पष्ट रूप से रखने के लिए जाने जाते हैं। BFI में दिया गया उनका बयान भी इसी वजह से चर्चा में है। उन्होंने एक ओर फिल्म की रचनात्मक प्रक्रिया को स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर सोनम वांगचुक के सामाजिक योगदान की खुलकर सराहना भी की।
इस संतुलित बयान की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। कई लोगों का मानना है कि इससे लंबे समय से चल रहे भ्रम को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।
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दर्शकों के लिए क्या मायने रखता है यह बयान?
‘3 Idiots’ को पसंद करने वाले लाखों दर्शकों के लिए यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फिल्म के सबसे चर्चित किरदारों में से एक की पृष्ठभूमि को लेकर उठे सवालों का जवाब देता है।
आमिर खान ने साफ कर दिया है कि फुनसुख वांगडू किसी एक वास्तविक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि एक काल्पनिक किरदार था। वहीं उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सोनम वांगचुक का शिक्षा और समाज के लिए किया गया काम अपने आप में प्रेरणादायक है।
यानी फिल्म और वास्तविक जीवन दोनों की अपनी अलग पहचान है। अब यह दर्शकों पर निर्भर करता है कि वे इस बयान के बाद इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद को किस नजरिए से देखते हैं।