जन अधिकार बिल को लेकर परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया ने तेज किया आंदोलन, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

जन अधिकार बिल को लेकर परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया ने तेज किया आंदोलन, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

सामाजिक और आर्थिक अधिकारों को कानूनी संरक्षण देने की मांग को लेकर शक्ति प्रदर्शन

नई दिल्ली: जन अधिकार बिल को संसद में पारित कराने की मांग को लेकर परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी अध्यक्ष मोनू महेन्द्र सिंह रावत ने इसे जनता के अधिकारों का सवाल बताया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रावत ने बताया कि प्रस्तावित जन अधिकार बिल में महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता, राष्ट्रीय रोजगार नीति, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन, वृद्ध एवं दिव्यांग पेंशन में वृद्धि, समान वेतनमान, टोल-मुक्त सड़कें तथा एक देश–एक स्वास्थ्य व्यवस्था जैसी अहम मांगों को शामिल किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक सरकारें चुनावी घोषणाओं और वादों के माध्यम से जनता को गुमराह करती रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर आम लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। रावत ने कहा कि जन अधिकार बिल जनता को वास्तविक राहत देने वाला कानून है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से लेने को तैयार नहीं दिख रही है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जन अधिकार बिल को जल्द संसद में पारित नहीं किया गया, तो परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया देशभर में व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जन अधिकार यात्रा, संसद घेराव तथा अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय गोठी, राष्ट्रीय महासचिव अतर सिंह, भारतीय राष्ट्रीय सह-प्रभारी दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, राष्ट्रीय सचिव सुधीर सिंह, बिहार सरकार में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. राजन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष बसंत सिंह बैंस, मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उबैद शेख, नारायण छगन सहित जिला स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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