शिकागो में भारतीय संस्कृति की पहचान बनीं रीता सिंह

शिकागो में भारतीय संस्कृति की पहचान बनीं रीता सिंह


भारतीय खुफिया ब्यूरो (आई.बी.) के सेवानिवृत्त अधिकारी और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित श्री जे. बी. सिंह की बेटी रीता सिंह को अमेरिका के शिकागो शहर में भारतीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

रीता सिंह पिछले करीब तीन दशकों से शिकागो में रह रही हैं और वहां के प्रमुख भारतीय सामुदायिक संगठनों की संस्थापक सदस्य रही हैं। इनमें ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स (FIA), शिकागो’ और ‘विमेंस एंपावरमेंट (WE), शिकागो’ जैसे संगठन शामिल हैं। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति को अमेरिका में मजबूती से प्रस्तुत किया है।

सामुदायिक सेवा में नारी शक्ति की मिसाल

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में रीता का प्रभावशाली नेतृत्व

रीता सिंह ने अमेरिका में नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। ‘विमेंस एंपावरमेंट’ जैसे संगठनों के जरिए उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तो समाज और संस्कृति दोनों मजबूत होंगे।

पति के साथ मिलकर निभा रहीं भारतीय संस्कृति की दूत की भूमिका

संजीव सिंह के साथ मिलकर अमेरिका में निभा रही हैं भारतीय परंपराओं का संरक्षण

रीता सिंह और उनके पति संजीव सिंह ने मिलकर भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अमेरिका में जीवित रखा है। वे भारतीय त्योहारों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को प्रवासी समुदाय में प्रचारित करते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

रीता सिंह
रीता सिंह

पिता से मिला सेवा और समर्पण का संस्कार

पिता की तरह रीता भी बनीं समाज सेवा की मिसाल

रीता के कार्यों में उनके पिता श्री जे. बी. सिंह के संस्कार स्पष्ट रूप से झलकते हैं। श्री सिंह ने भारतीय खुफिया ब्यूरो में अपनी सेवा के दौरान अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल पेश की थी, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। यही गुण रीता के सामाजिक कार्यों में भी दिखाई देते हैं।

प्रेरणास्रोत बनीं रीता सिंह

प्रवासी भारतीयों को जोड़ने और प्रेरित करने वाली शख्सियत

रीता सिंह की यात्रा भारत से शिकागो तक केवल एक स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय मूल्यों के प्रति गहरे समर्पण और प्रवासी समुदाय के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है। वे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं।

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