उज्जैन: कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ने अपनी माँ के लिए चप्पलें बनवाई, जांघ की चमड़ी से, बोला – “रामायण से सीख मिली”

उज्जैन: कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ने अपनी माँ के लिए चप्पलें बनवाई, जांघ की चमड़ी से, बोला – “रामायण से सीख मिली”

21 मार्च 2024, उज्जैन

आजकल बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को छोड़कर अनाथ आश्रमों में छोड़ देते हैं, लेकिन कुछ बेटे अभी भी ऐसे हैं जो अपने माता-पिता के प्रति बहुत ज्यादा प्यार और सम्मान रखते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के उज्जैन से सामने आया है। यहां एक हिस्ट्री शीटर रहे युवक ने अपनी जांघ की चमड़ी से चरण पादुकाएं बनवाकर अपनी मां को उपहार दीं।

रौनक गुर्जर नामक युवक, जो शहर के ढांचा भवन इलाके में रहता है, पहले एक केस में आरोपी बना था और पुलिस ने उसे एक बार भी गोली मार दी थी। लेकिन अब वह नियमित रामायण का पाठ करता है और धार्मिक गतिविधियों में लीन रहने की कोशिश करता है।

रौनक ने बताया कि उन्हें रामायण से मां की सेवा करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा, “रामायण का पाठ करता हूं और प्रभु के चरित्र से प्रभावित हूं। भगवान राम ने ही कहा है कि अपनी मां के लिए चमड़े से खड़ाऊं भी बनवा दें तो कम है।” इसी बात को लेकर रौनक ने मां को उपहार के रूप में चरण पादुकाएं भेंट की।

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