अनुराग कश्यप का नाम Epstein Files में “Bollywood Guy” के तौर पर सामने आया तो सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। लेकिन सच क्या है? जानिए डायरेक्टर ने खुद क्या कहा — और 2021 के IT Raid से इसका क्या कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।
नई दिल्ली: अनुराग कश्यप का नाम किसी विवाद से जुड़ता है, सोशल मीडिया पर आग लग जाती है। एक बार फिर ऐसा ही हुआ — इस बार मामला है Jeffrey Epstein Files का। जनवरी 2026 के आखिर में अमेरिकी Department of Justice ने 30 लाख से ज़्यादा पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए। इन्हीं दस्तावेज़ों में एक ईमेल में “Bollywood Guy” और “Famous Bollywood Director” का ज़िक्र मिला — और लोगों ने तुरंत उंगली अनुराग कश्यप की तरफ उठा दी।
लेकिन जितना शोर मचा, उतनी बड़ी सच्चाई नहीं है।
अनुराग कश्यप कहा- Beijing गया ही नहीं कभी जिंदगी में
Epstein और उनके साथियों Giuseppe Bersani, Gino Yu और Ornella Corazza के बीच हुई ईमेल बातचीत में अनुराग कश्यप का नाम 2017 में Beijing में होने वाले एक इवेंट के संदर्भ में आया था। इस ईमेल में उन्हें “Bollywood Guy” कहा गया था।
इस पर कश्यप ने साफ कहा — “मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। मुझे हर महीने करीब 15 स्पीकर इनविटेशन आते हैं, मैं शायद ही कभी जवाब देता हूं। और मैं अपनी पूरी ज़िंदगी में Beijing गया ही नहीं कभी!”
बस इतना काफी था — लेकिन कश्यप यहीं नहीं रुके। उन्होंने इस ईमेल की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया और कहा, “यह कोई random email है, जो खुद ही सब कुछ बता देती है। मेरे नाम के clickbaits मेरी फिल्मों से ज़्यादा popular हैं।”
Epstein Files में नाम आना क्या गुनाह हैं?
Kashyap का नाम किसी verified court document, flight log या sworn testimony में नहीं है। उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, कोई शिकायत नहीं है, और Epstein या उनके नेटवर्क से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं है।
ईमेल में कश्यप को Ben Goertzel, Bruce Damer और DJ Spooky जैसे अंतरराष्ट्रीय नामों के साथ “cool people” की लिस्ट में रखा गया था — यानी उन्हें बस एक intellectual workshop के लिए invite करने की बात हो रही थी।
इन ईमेल में कहीं भी यह साबित नहीं होता कि कश्यप और Epstein कभी एक ही जगह पर मिले।
कश्यप अकेले नहीं हैं — Mira Nair, Nandita Das और Deepak Chopra जैसे भारतीय नाम भी इन फाइल्स में इसी तरह passing reference के तौर पर आए हैं।
Phantom Films और IT Raid
इसी इंटरव्यू में कश्यप ने 2021 के Income Tax Raid का मुद्दा भी खुद उठाया। उन्होंने बताया कि Taapsee Pannu और अन्य साथियों के साथ मिलकर बनाई गई Phantom Films के बंद होने और उसकी valuation को लेकर जो विवाद था, उसी की वजह से यह जांच हुई थी।
“इसका Phantom Films से ज़्यादा संबंध था — हम अलग हो गए, कंपनी का बंटवारा हुआ, valuation को लेकर सवाल उठे। क्या था, क्या नहीं था, किसके पास है, किसके पास नहीं — यही सब हुआ,” उन्होंने बेबाकी से कहा।
उस मामले में कश्यप पर व्यक्तिगत रूप से कोई आपराधिक आरोप कभी नहीं लगा और धीरे-धीरे वो मामला ठंडा पड़ गया। अब Epstein Files की आंधी में वो पुराना किस्सा भी नए सिरे से उछाला जा रहा है।
2026 के डिजिटल दौर में Screenshot काफी है बर्बाद करने के लिए
यह मामला सिर्फ अनुराग कश्यप का नहीं है। यह उस खतरनाक ट्रेंड की कहानी है जहां एक unverified screenshot पूरे करियर पर सवाल खड़े कर देता है। Epstein Files एक global Rorschach test बन गई है — जिसका नाम दिखा, उसे guilty मान लिया।
कश्यप ने जो किया वो ज़रूरी था — चुप रहने की बजाय साफ, सीधे और तथ्यों के साथ बोले। हर महीने 15 स्पीकर इनविटेशन, शायद ही कभी reply, और Beijing में कभी कदम नहीं — ये छोटी-छोटी बातें बड़े झूठ को काटने के लिए काफी थीं
Gangs of Wasseypur और Black Friday जैसी फिल्मों से सत्ता को आईना दिखाने वाले अनुराग कश्यप अब खुद एक नई तरह की सत्ता से लड़ रहे हैं — algorithmic outrage की सत्ता से। उनका जवाब वैसा ही था जैसी उनकी फिल्में होती हैं — बिना लाग-लपेट के, सीधा।
Epstein Files में नाम आने से कोई दोषी नहीं हो जाता। लेकिन 2026 में सोशल मीडिया इस फर्क को समझने में ज़्यादा रुचि नहीं रखता। इसीलिए कश्यप का खुलकर बोलना — सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए ज़रूरी था जो बिना सबूत के ट्रायल का शिकार हो रहा है।